सरकार के नीति निर्धारण में समन्वय की कमी: कांग्रेस ने बजट से पहले केंद्र पर साधा निधान

Edited By Updated: 31 Jan, 2026 01:38 PM

lack of coordination in government policy making congress criticizes the centra

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर नीति निर्धारण में समन्वय की कमी का आरोप लगाते हुए शनिवार को सवाल किया कि क्या बजट के आंकड़ें पेश किए जाने के तुरंत बाद उनमें संशोधन किया जाएगा क्योंकि बजट के कुछ ही दिन बाद सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर नीति निर्धारण में समन्वय की कमी का आरोप लगाते हुए शनिवार को सवाल किया कि क्या बजट के आंकड़ें पेश किए जाने के तुरंत बाद उनमें संशोधन किया जाएगा क्योंकि बजट के कुछ ही दिन बाद सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की नयी शृंखला जारी की जानी है।

कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट कल यानी रविवार को पेश किया जाएगा। रमेश ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, '' राज्य सरकारें आशंकाग्रस्त होकर प्रतीक्षा कर रही होंगी कि उनके लिए इसमें क्या है क्योंकि वित्त मंत्री 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू करने की घोषणा करने वाली हैं।''

उन्होंने कहा कि वित्त आयोग एक ऐसा निकाय है जिसकी स्थापना संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत हर पांच वर्षों में (या उससे पहले) की जाती है ताकि वह केंद्र द्वारा एकत्र किए गए कर राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी, इस हिस्सेदारी का राज्यों के बीच वितरण और पांच वर्षों की अवधि के लिए विशेष अनुदानों की सिफारिश कर सके।

उन्होंने कहा कि 16वां वित्त आयोग 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि से संबंधित है। रमेश ने कहा, ''लेकिन इसके अलावा दो और चिंताएं भी हैं। पहली-बजट के कई आंकड़े जीडीपी के प्रतिशत के रूप में प्रस्तुत किए जाएंगे। हालांकि ठीक 26 दिन बाद 27 फरवरी 2026 को 2022-23 को आधार वर्ष मानकर नयी और अद्यतन जीडीपी शृंखला जारी होने वाली है।''

उन्होंने सवाल किया कि क्या एक फरवरी 2026 को बजट के आंकड़ें पेश किए जाने के तुरंत बाद उनमें संशोधन किया जाएगा? रमेश ने कहा कि दूसरी चिंता यह है कि 2024 को आधार मानकर नयी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) शृंखला 12 फरवरी 2026 को जारी होने की संभावना है। उन्होंने कहा, ''माना जा रहा है कि इस नयी शृंखला में खाद्य कीमतों की हिस्सेदारी में तेज गिरावट दिखाई दे सकती है।

अगर ऐसा होता है तो इसका भी बजट के आंकड़ों पर असर पड़ेगा।'' उन्होंने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में भी संशोधन किया जा रहा है और संभवतः इसे आने वाले कुछ महीनों में सार्वजनिक किया जाएगा। रमेश ने कहा कि किसी भी स्थिति में यह नीति-निर्माण में तालमेल की कमी को ही दर्शाता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार यानी एक फरवरी को अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करेंगी जिनमें दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं।

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