Edited By Parveen Kumar,Updated: 15 Mar, 2026 09:07 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही थी। कई जगहों पर लोगों ने एहतियात के तौर पर गैस सिलेंडर की जल्द बुकिंग भी शुरू कर दी थी। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और...
नेशनल डेस्क : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही थी। कई जगहों पर लोगों ने एहतियात के तौर पर गैस सिलेंडर की जल्द बुकिंग भी शुरू कर दी थी। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की सप्लाई पूरी तरह से सामान्य है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।
पैनिक बुकिंग में आई कमी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार हाल के दिनों में एलपीजी की पैनिक बुकिंग में गिरावट देखने को मिली है। पहले जहां रोजाना लगभग 88.8 लाख सिलेंडर बुक किए जा रहे थे, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 77 लाख रह गई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि लोगों के बीच फैली कमी की आशंका धीरे-धीरे कम हो रही है। इसके साथ ही ऑनलाइन गैस बुकिंग में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डिजिटल माध्यम से की जाने वाली बुकिंग का प्रतिशत 84 से बढ़कर 87 हो गया है। तेल कंपनियों ने लोगों से अपील की थी कि वे एजेंसियों पर भीड़ लगाने के बजाय ऑनलाइन बुकिंग का इस्तेमाल करें।
पेट्रोल और डीजल की सप्लाई भी स्थिर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी कोई समस्या नहीं है। सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। अधिकारियों के मुताबिक भारत फिलहाल घरेलू जरूरतों के हिसाब से पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त उत्पादन कर रहा है। तेल कंपनियों ने भी पुष्टि की है कि देश में कहीं भी पेट्रोल पंप या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास ईंधन खत्म होने की स्थिति नहीं आई है।
कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निगरानी
सरकार ने ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी भी तेज कर दी है। आंध्र प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में गैस एजेंसियों पर लगातार निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। तेल कंपनियों के अधिकारी सप्लाई सिस्टम की निगरानी कर रहे हैं ताकि वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। इसके अलावा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का वितरण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के माध्यम से नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई सुनिश्चित की जा सके।
जरूरी सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्था
सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पताल, स्कूल और अन्य आवश्यक सेवाओं को गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है। पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और सीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित रखी गई है, जबकि औद्योगिक और व्यावसायिक खपत को सीमित किया गया है।