Edited By Anu Malhotra,Updated: 22 Oct, 2026 11:40 AM

हैदराबाद के बिजनेसमैन कुरापति नागा वेंकट राकेश कुमार ने इंसानियत की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया है। उन्होंने अपनी करोड़ों की लैम्बोर्गिनी (Lamborghini) कार का अनुभव एक जिम के सफाईकर्मी के साथ साझा किया,
हैदराबाद: हैदराबाद के बिजनेसमैन कुरापति नागा वेंकट राकेश कुमार ने इंसानियत की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया है। उन्होंने अपनी करोड़ों की लैम्बोर्गिनी (Lamborghini) कार का अनुभव एक जिम के सफाईकर्मी के साथ साझा किया, जो रोज़ाना दूर से ही उस सुपरकार को बड़े चाव से निहारा करता था। राकेश कुमार के लिए यह घटना सिर्फ एक कार दिखाने भर का मामला नहीं था, बल्कि यह उनके अपने पुराने दिनों की यादों से जुड़ा एक बेहद भावुक लम्हा था। आइए जानते हैं इस पूरी दिल को छू लेने वाली कहानी....
रोज़ की वह नजरें और एक खास फैसला
राकेश कुमार जब भी सुबह जिम जाते हैं, तो वे अपनी लैम्बोर्गिनी को वहीं पार्क करते हैं। जिम में फर्श साफ करने वाला एक कर्मचारी रोज़ वहां मौजूद रहता है। कुमार ने अक्सर गौर किया कि जब भी उनकी सुपरकार वहां पहुंचती है, तो उस सफाईकर्मी की आंखों में एक अलग ही चमक और उत्सुकता होती है। वह अक्सर दूर से ही कार को देखता और एक दिन उसने कार के साथ अपनी तस्वीर लेने के लिए फोन भी निकाला। इस बार कुमार ने आगे बढ़कर बस चले जाने के बजाय उससे बात करने का फैसला किया।
जब सफाईकर्मी को मिली ड्राइवर सीट
दोनों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया। कुमार ने उससे पूछा कि क्या उसे यह कार पसंद है। इसके बाद, कुमार ने उस कर्मचारी की फर्श साफ करने वाली मशीन में भी गहरी दिलचस्पी दिखाई और पूछा कि यह कैसे काम करती है। बातचीत के दौरान कुमार ने उसे एक ऐसा सरप्राइज दिया जिसकी उसने कभी उम्मीद भी नहीं की थी। कुमार ने अपनी कार की चाबियां उसे सौंपी और लैम्बोर्गिनी की ड्राइवर सीट पर बैठने का न्योता दिया।
कुरापति नागा वेंकट राकेश कुमार ने इंस्टाग्राम पर अपने अनुभव को साझा करते हुए लिखा, "जैसे ही वह ड्राइवर सीट पर बैठा, मैंने उसकी आंखों में कुछ ऐसा देखा जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता। पहले तो उसे अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं हुआ, और फिर वह खुशी से झूम उठा।" जिस कार को वह शख्स हमेशा दूर से देखा करता था, वह अचानक उसके बेहद करीब आ गई थी।
अपने संघर्ष के दिनों को याद कर भावुक हुए बिजनेसम
राकेश कुमार का यह कदम उनकी पुरानी जिंदगी के अनुभवों से उपजा था। अपनी इस सफलता के मुकाम पर पहुंचने से पहले, कुमार खुद एक सेल्समैन के तौर पर काम करते थे और महीने के सिर्फ 800 रुपये कमाते थे। उस दौर में वे भी सुपरकार चलाने वाले रईसों को ठीक उसी चाहत और उम्मीद भरी नजरों से देखा करते थे, जैसी उन्होंने उस सफाईकर्मी की आंखों में देखी थी।
पुराने दिनों को याद करते हुए कुमार ने बताया, "उनमें से ज्यादातर लोगों ने तो कभी मेरी तरफ मुड़कर भी नहीं देखा था।" तभी उन्होंने खुद से एक वादा किया था कि यदि वे कभी उस मुकाम पर पहुंचे, तो वे कभी ऐसे नहीं बनेंगे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
कुमार द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो को 27.6 मिलियन (2.76 करोड़) से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इंटरनेट पर लोगों ने राकेश कुमार की इस सादगी और बड़प्पन की जमकर तारीफ की है। दर्शकों और यूजर्स ने सराहना करते हुए लिखा कि किसी इंसान को उसकी असली दौलत उसकी विनम्रता और दयालुता बनाती है। एक यूजर ने लिखा, "इतना विनम्र होने में कुछ भी खर्च नहीं होता, बिल्कुल कुछ भी नहीं।"
इस पूरी घटना पर बात करते हुए कुमार ने अपनी पोस्ट में लिखा, "सम्मान देने में कुछ खर्च नहीं होता। हाथ मिलाने में कुछ नहीं लगता। कभी-कभी आप किसी को जो सबसे बड़ी चीज दे सकते हैं, वह पैसा नहीं, बल्कि यह भरोसा है कि उनका सपना सच हो सकता है।" उन्होंने अपने संदेश के अंत में सभी को प्रेरित करते हुए लिखा: "बड़े सपने देखो। तुम्हारी बारी भी आने वाली है।"