Edited By Parveen Kumar,Updated: 16 Apr, 2026 10:01 PM

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से संबंधित विधेयकों को कथित तौर पर आपस में जोड़ना मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू...
नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से संबंधित विधेयकों को कथित तौर पर आपस में जोड़ना मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की ''साजिश'' है। बनर्जी ने कूच बिहार जिले के माथाभंगा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को जोड़कर ''भारत को बांटने'' की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, ''महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को आपस में जोड़कर भारत को बांटने की कोशिश की जा रही है। इन विधेयकों को आपस में जोड़ना मतदाताओं के नाम हटाने और एनआरसी को लागू करने की साजिश है।'' सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयकों को पेश किया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026' और 'परिसीमन विधेयक, 2026' पेश किए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया।
बनर्जी ने कहा, ''महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक तो बहुत पहले ही पारित हो चुका था, फिर इसके कार्यान्वयन में देरी क्यों हुई?'' तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने दावा किया कि लोकसभा में उसके निर्वाचित सांसदों में से 37 प्रतिशत महिलाएं हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुधवार को पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कथित तौर पर ''कार्ड'' बांटने का जिक्र करते हुए, बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का कथित उल्लंघन करने के लिए उन्हें (सीतारमण) पद से हटाने की चुनौती दी।
तृणमूल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ''भाजपा नेताओं ने 'मातृशक्ति भरोसा कार्ड' नामक एक योजना शुरू की है, जिसमें महिलाओं को वित्तीय सहायता देने का वादा किया गया है और मतदान के कुछ दिनों पहले विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं''। सत्तारूढ़ पार्टी ने इस कदम को ''भाजपा की चुनावी रिश्वतखोरी'' करार दिया और उसके नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अलीपुरद्वार में एक और रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया, ''उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम के लोग भारी धनराशि लेकर होटलों और अतिथि गृहों में ठहरे हुए हैं ताकि बंगाल में मतदाताओं को प्रभावित कर सकें।'' तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि शिवसेना (उबाठा) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव बंगाल का दौरा करने और उन्हें समर्थन देने के इच्छुक हैं।
बनर्जी ने दावा किया, ''मुझे खुशी है कि उद्धव ने मुझे फोन किया, स्टालिन ने मुझे संदेश भेजा, तेजस्वी भी आना चाहते हैं और अखिलेश भी मेरे संपर्क में हैं। इस चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा बंगाल की जनता पर किए गए 'अत्याचारों' के बारे में सभी जानते हैं।'' 'अत्याचारों' से उनका तात्पर्य स्पष्ट रूप से पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान लोगों द्वारा झेली गई ''मुश्किलों'' और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लेकर कथित धमकियों से था। दिनहाटा में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया और आरोप लगाया कि ''भाजपा बंगाल चुनावों के दौरान बम लगाने और फिर जांच के लिए एनआईए को बुलाने की योजना बना रही है''। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान दो चरणों 23 और 29 अप्रैल को होगा। मतगणना चार मई को होगी।