LPG Cylinder New Order: इस राज्य सरकार ने LPG सिलेंडर वितरण के लिए नए आदेश जारी किए

Edited By Updated: 29 Mar, 2026 04:16 PM

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मध्य-पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच राज्य सरकार ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडरों की आपूर्ति में सुधार के लिए नए आदेश जारी किए हैं। जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने बताया कि पहले सभी कॉमर्शियल LPG आपूर्ति को रोक दिया गया था।

नेशनल डेस्क: मध्य-पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच राज्य सरकार ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडरों की आपूर्ति में सुधार के लिए नए आदेश जारी किए हैं। जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने बताया कि पहले सभी कॉमर्शियल LPG आपूर्ति को रोक दिया गया था। बाद में सीमित मात्रा में इसे पुन शुरू किया गया। अब नए आदेशों के तहत आपूर्ति को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
नई व्यवस्था के अनुसार, सभी कॉमर्शियल और औद्योगिक LPG उपभोक्ताओं को अपनी संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर के पास रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी उपभोक्ता को कॉमर्शियल LPG नहीं दिया जाएगा।

यदि उपभोक्ता ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहाँ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनी के माध्यम से PNG लाइनों की सुविधा उपलब्ध है, तो उन्हें पहले PNG कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन और शुल्क भुगतान करना होगा। इसके बाद ही वे कॉमर्शियल LPG का लाभ ले सकेंगे, जब तक कि सीजीडी कनेक्शन उपलब्ध न कराए। जिन क्षेत्रों में सीजीडी या PNG पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है, वहाँ यह प्रावधान लागू नहीं होगा।

छूट प्राप्त श्रेणियों को पूरा घरेलू LPG मिलेगा
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सर्कुलर के अनुसार, छूट प्राप्त उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकता का 100 प्रतिशत घरेलू LPG सिलेंडरों के रूप में दिया जाएगा। इसमें शामिल हैं। इनमें सरकारी अस्पताल, स्कूल और कॉलेज, छात्रावास, सरकारी कार्यालयों से जुड़ी कैंटीन, पुलिस, बीएसएफ और सीआईएसएफ के मेस, रक्षा प्रतिष्ठानों की रसोई और मेस, सहकारी समिति अधिनियम के तहत सहकारी आधार पर चलाई जाने वाली कैंटीन, स्कूलों, कॉलेजों और अनुसंधान संस्थानों से जुड़ी प्रयोगशालाएं, सोसायटी अधिनियम के तहत पंजीकृत धर्मार्थ संस्थाएं, शैक्षणिक संस्थान (कोचिंग संस्थानों सहित) और उनसे जुड़े छात्रावास, निजी अस्पताल व अन्नपूर्णा कैंटीन सम्मिलित हैं।

जबकि होटल, रेस्तरां, डेयरी (सहकारी और निजी दोनों) को 60 प्रतिशत, मंदिर और उनसे जुड़ी रसोई, मैरिज गार्डन और कैटरर्स द्वारा आयोजित किए जाने वाले शादी के कार्यक्रम के लिए 50 प्रतिशत, धार्मिक त्योहार के लिए 50 प्रतिशत, थोक आपूर्ति वाले औद्योगिक ग्राहक व पैक्ड आपूर्ति वाले औद्योगिक ग्राहक को 40 प्रतिशत आपूर्ति की जाएगी।

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