Edited By Parveen Kumar,Updated: 02 May, 2026 06:26 PM

भारत में बढ़ रहे LPG दामों के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है, पश्चिम एशिया युद्ध के बीच 45,000 टन एलपीजी (LPG) यानी रसोई गैस से लदा विशालकाय सुपरटैंकर ‘सर्व शक्ति’ होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा है।
नेशनल डेस्क : भारत में बढ़ रहे LPG दामों के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है, पश्चिम एशिया युद्ध के बीच 45,000 टन एलपीजी (LPG) यानी रसोई गैस से लदा विशालकाय सुपरटैंकर ‘सर्व शक्ति’ होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा है। जिससे भारत में LPG की किल्लत दूर होने की संभावना है, जबकि दामों में गिरावट आ सकती है। बता दें कि भारत को एलपीजी का दूसरा सबसे बड़े उपभोक्ता और तेल आयातक में तीसरा बड़े देश माना जाता है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का कहना है कि देश में एलपीजी संकट से निपटने के लिए भारत ने अपनी घरेलू एलपीजी उत्पादन क्षमता को 60% बढ़ाकर 54,000 टन कर दिया है। वहीं, दैनिक खपत भी 90,000 टन से घटकर 80,000 टन पर आ गई है। इसके अलावा, सरकार ने अपने सभी बंदरगाहों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे एलपीजी टैंकरों को किनारे लगाने और खाली करने में सबसे पहली प्राथमिकता दें, ताकि आम लोगों तक रसोई गैस बिना किसी रुकावट के पहुंच सके।
भारत में एलपीजी की किल्लत
पश्चिम एशिया युद्ध के बीच भारत में भी LPG की किल्लत देखने को मिली, लोगों ने एजेंसियों के बाहर लाइनों में खड़े होकर सिलेंडर लिए। ऐसे समय में अगर ‘सर्व शक्ति’ सुरक्षित भारतीय तटों पर पहुंचता है, तो यह बाजार में गैस की किल्लत को दूर करने में एक संजीवनी का काम करेगा। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
‘होर्मुज’ की नाकेबंदी ने बिगाड़ा खेल
फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से ही होर्मुज से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप है। अमेरिका ने ईरान से जुड़े जहाजों की कड़ी नाकेबंदी कर रखी है। पिछले महीने तो हालात इतने बिगड़ गए थे कि ईरान ने रास्ता पार करने की कोशिश कर रहे जहाजों पर फायरिंग तक कर दी थी, जिससे कई जहाजों को वापस लौटना पड़ा। लेकिन, इस भारी तनाव के बीच भी नई दिल्ली की कूटनीति रंग लाई। तेहरान के साथ हुई सफल द्विपक्षीय वार्ता के दम पर भारत अब तक युद्ध के दौरान आठ एलपीजी जहाजों को सुरक्षित निकाल चुका है।