Edited By Ramanjot,Updated: 19 Feb, 2026 09:28 PM

महाराष्ट्र में राज्यसभा की सात सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। Election Commission of India ने 16 मार्च 2026 को मतदान और उसी दिन मतगणना की तारीख तय की है।
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र में राज्यसभा की सात सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। Election Commission of India ने 16 मार्च 2026 को मतदान और उसी दिन मतगणना की तारीख तय की है।
विधानसभा में मौजूदा संख्याबल को देखते हुए सत्ताधारी महायुति गठबंधन—Bharatiya Janata Party, Shiv Sena और Nationalist Congress Party—के खाते में छह सीटें जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA), जिसमें Shiv Sena, Indian National Congress और Nationalist Congress Party शामिल हैं, को अधिकतम एक सीट मिलती दिख रही है।
MVA की एकमात्र सीट पर घमासान
MVA के हिस्से में संभावित एक सीट को लेकर अंदरूनी चर्चा तेज है। सूत्रों के मुताबिक, Sharad Pawar एक और कार्यकाल के लिए राज्यसभा जाने के इच्छुक बताए जा रहे हैं।
हालांकि, कांग्रेस के भीतर इस नाम को लेकर मतभेद उभर रहे हैं। मुंबई में हुई पार्टी की कार्यकारिणी सलाहकार समिति की बैठक में इस मुद्दे पर प्रारंभिक विचार-विमर्श हुआ। कुछ नेताओं का मानना है कि हालिया राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए नए चेहरे को मौका दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस का एक वर्ग यह भी तर्क दे रहा है कि हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए इस सीट पर उसका दावा मजबूत है। ऐसे में उम्मीदवार चयन को लेकर अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होने की संभावना है।
अन्य दावेदार भी मैदान में
Aaditya Thackeray ने भी MVA की इस सीट के साथ-साथ विधान परिषद की सीटों पर अपनी पार्टी का दावा जताया है। गठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
किन नेताओं का कार्यकाल हो रहा समाप्त?
2 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र से राज्यसभा के जिन सात सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
- Sharad Pawar
- Fauzia Khan
- Priyanka Chaturvedi
- Rajni Patil
- Bhagwat Karad
- Ramdas Athawale
- धैर्यशील पाटिल
इन सीटों के नतीजे राज्य की राजनीति में नए समीकरण बना सकते हैं, खासकर विपक्षी गठबंधन के भीतर संतुलन और एकजुटता को लेकर।