Edited By Mansa Devi,Updated: 09 Feb, 2026 03:43 PM

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें Mahindra BE 6 इलेक्ट्रिक SUV चलते समय अचानक आग की चपेट में आ गई। यह इस मॉडल से जुड़ी शुरुआती दर्ज हुई आग की घटनाओं में से एक है और इससे पहले इस इलेक्ट्रिक एसयूवी में ऐसे मामलों...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें Mahindra BE 6 इलेक्ट्रिक SUV चलते समय अचानक आग की चपेट में आ गई। यह इस मॉडल से जुड़ी शुरुआती दर्ज हुई आग की घटनाओं में से एक है और इससे पहले इस इलेक्ट्रिक एसयूवी में ऐसे मामलों की कोई सूचना नहीं मिली थी। हाईवे पर अचानक लगी आग ने न सिर्फ राहगीरों को भयभीत किया, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर नई बहस भी शुरू कर दी है।
ड्राइवर ने बताया कि गाड़ी में डैशबोर्ड पर टायर के तापमान में असामान्य वृद्धि का अलर्ट आया। तुरंत गाड़ी को सड़क किनारे रोका गया और गाड़ी में सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। इस सतर्कता की वजह से कोई भी चोटिल नहीं हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि ऑनबोर्ड सेंसर डेटा और सॉफ्टवेयर डायग्नोस्टिक्स के विस्तृत विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि इलेक्ट्रिक बैटरी पैक और मोटर सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित थे।
आग का कारण बैटरी या मोटर नहीं थी। जांच में पाया गया कि आग पीछे के दाहिने टायर में हवा कम होने की वजह से लगी। टायर की हवा कम होने के बावजूद गाड़ी का संचालन जारी रहने से अत्यधिक घर्षण और गर्मी उत्पन्न हुई, जिससे आग भड़क उठी। महिंद्रा BE 6 के सुरक्षा सिस्टम ने उच्च तापमान की चेतावनी मिलने पर स्वचालित रूप से गति सीमित कर दी और नियंत्रित शटडाउन प्रक्रिया शुरू की। कंपनी ने कहा कि यह सुरक्षा प्रतिक्रिया वाहन में अंतर्निहित है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
स्थानीय हाफ़िज़पुर पुलिस थाने और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग को नियंत्रित करने के साथ राजमार्ग पर फंसे हुए यातायात को भी संभाला। सोशल मीडिया पर वायरल हुई जलती हुई इलेक्ट्रिक एसयूवी की तस्वीरें और वीडियो लोगों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर बहस का विषय बन गई हैं। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने यह स्पष्ट किया कि गाड़ी के मुख्य इलेक्ट्रिक घटक सुरक्षित हैं और डैशबोर्ड पर आने वाले अलर्ट का पालन करना बेहद जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। यह घटना इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा और समय पर चेतावनी का महत्व स्पष्ट करती है और यात्रियों को सतर्क रहने की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करती है।