Edited By Anu Malhotra,Updated: 04 Feb, 2026 10:36 AM

अक्सर लोगों के मन में यह जिज्ञासा होती है कि यदि अंतरिक्ष की गहराइयों में कोई बंदूक चला दे, तो क्या होगा? विज्ञान की दृष्टि से देखा जाए तो अंतरिक्ष में फायरिंग करना संभव है, लेकिन वहां इसका असर पृथ्वी की तुलना में बिल्कुल जुदा होता है।
नेशनल डेस्क: अक्सर लोगों के मन में यह जिज्ञासा होती है कि यदि अंतरिक्ष की गहराइयों में कोई बंदूक चला दे, तो क्या होगा? विज्ञान की दृष्टि से देखा जाए तो अंतरिक्ष में फायरिंग करना संभव है, लेकिन वहां इसका असर पृथ्वी की तुलना में बिल्कुल जुदा होता है।
बिना हवा के भी चल सकती है गोली
आमतौर पर लोग सोचते हैं कि आग जलाने के लिए ऑक्सीजन जरूरी है, इसलिए अंतरिक्ष में बंदूक नहीं चलेगी। लेकिन सच यह है कि आधुनिक गोलियों के अंदर अपना खुद का ऑक्सीडाइजर होता है। यह बारूद को बिना हवा के भी जलने में मदद करता है। इसका मतलब है कि शून्य (vacuum) में भी ट्रिगर दबाने पर गोली निश्चित रूप से बाहर निकलेगी।
ध्वनिहीन धमाका और रिकॉल का असर
अंतरिक्ष में गोली चलने पर सबसे बड़ा बदलाव आवाज का न होना है। चूंकि वहां ध्वनि तरंगों को फैलने के लिए कोई माध्यम नहीं मिलता, इसलिए बंदूक चलने पर कोई शोर सुनाई नहीं देगा। इसके अलावा, न्यूटन के नियम के अनुसार, जब गोली आगे की तरफ जाएगी, तो वह चलाने वाले को उतनी ही ताकत से पीछे की ओर धकेलेगी। पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण हमें थामे रखता है, लेकिन अंतरिक्ष में यह झटका आपको पीछे की ओर तैरने पर मजबूर कर सकता है।
अनंत काल तक जारी रह सकता है सफर
पृथ्वी पर हवा का दबाव और गुरुत्वाकर्षण गोली की रफ्तार को कम कर देते हैं और वह कुछ दूर जाकर गिर जाती है। इसके विपरीत, अंतरिक्ष में हवा का घर्षण नहीं होता। ऐसे में एक बार फायर होने के बाद गोली करोड़ों सालों तक उसी तेज गति से आगे बढ़ती रह सकती है, जब तक कि वह किसी तारे, ग्रह या उल्कापिंड से न टकरा जाए।
निशाने और कक्षा का गणित
गोली का रास्ता इस पर निर्भर करता है कि आप अंतरिक्ष में कहां हैं। यदि आप खुले ब्रह्मांड में हैं, तो गोली सीधी रेखा में जाएगी। लेकिन यदि आप किसी ग्रह के पास हैं, तो उस ग्रह का गुरुत्वाकर्षण गोली के मार्ग को मोड़ सकता है। एक दिलचस्प थ्योरी यह भी है कि यदि आप किसी ग्रह के चक्कर लगाते समय एक खास कोण पर गोली चलाते हैं, तो वह गोली घूमकर वापस आपके पास भी आ सकती है।