Edited By Ramanjot,Updated: 27 Jan, 2026 11:21 PM

महाराष्ट्र सरकार की चर्चित ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’ के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता में देरी को लेकर जलगांव जिले में मंगलवार (27 जनवरी) तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली।
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र सरकार की चर्चित ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’ के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता में देरी को लेकर जलगांव जिले में मंगलवार (27 जनवरी) तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। योजना की किस्त खातों में जमा न होने से नाराज़ सैकड़ों महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय पहुंच गईं और भुगतान की मांग को लेकर जोरदार विरोध जताया। अचानक हुए इस प्रदर्शन से कुछ समय के लिए कार्यालय का कामकाज पूरी तरह बाधित हो गया।
पात्र महिलाओं की संख्या लाखों में, फिर भी भुगतान अधूरा
जलगांव जिले में इस योजना के लिए 10 लाख से ज्यादा महिलाएं पात्र मानी जा रही हैं। इसके बावजूद विभागीय जानकारी के मुताबिक एक लाख से अधिक लाभार्थियों को KYC प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी अगली किस्त का इंतजार करना पड़ रहा है। लगातार हो रही देरी ने महिलाओं के बीच असंतोष बढ़ा दिया, जो मंगलवार को खुले विरोध में तब्दील हो गया।
‘दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक गईं महिलाएं’
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि वे कई बार संबंधित कार्यालय पहुंच चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। महिलाओं का कहना है कि योजना की रकम समय पर न मिलने से घरेलू खर्चों पर असर पड़ रहा है। नाराज महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
KYC में गड़बड़ी से अटका भुगतान
इस पूरे मामले पर विभागीय अधिकारियों ने सफाई देते हुए बताया कि भुगतान रुकने की मुख्य वजह KYC के दौरान हुई तकनीकी और दस्तावेजी खामियां हैं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ मामलों में गलत विकल्प चुनने या दस्तावेजों में त्रुटि के चलते लाभार्थियों का स्टेटस सिस्टम में ‘अपात्र’ दिखने लगा, जिससे किस्त जारी नहीं हो सकी।
अधिकारियों ने जल्द पैसा मिलने का दिया भरोसा
हंगामे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिलाओं से बातचीत कर स्थिति संभाली। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जिन लाभार्थियों की KYC में गड़बड़ी है, उनका डाटा जल्द ठीक किया जाएगा और योजना की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। हालांकि फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन लाडकी बहिन योजना की किस्त को लेकर महिलाओं में नाराजगी कम होती नहीं दिख रही, जिससे आने वाले दिनों में प्रशासन की चुनौती बढ़ सकती है।