मायावती ने डॉक्टर अंबेडकर को दी श्रद्धांजलि, कहा- सामंती सोच की सरकारों के कारण उद्देश्य प्राप्त नहीं कर पा रहा संविधान

Edited By Updated: 14 Apr, 2026 05:17 PM

mayawati paid tribute to dr ambedkar saying the constitution is failing to ach

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को कहा कि 'सामंती और जातिवादी' सोच के लोगों के सत्ता में लगातार हावी रहने के कारण बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का सर्वजन हितैषी संविधान अपने उद्देश्यों को...

नेशनल डेस्क: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को कहा कि 'सामंती और जातिवादी' सोच के लोगों के सत्ता में लगातार हावी रहने के कारण बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का सर्वजन हितैषी संविधान अपने उद्देश्यों को पूरी तरह प्राप्त करने में सफल नहीं हो पा रहा है। 
मायावती ने अंबेडकर जयंती पर लखनऊ स्थित पार्टी के केंद्रीय शिविर कार्यालय में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 

सत्ता पर ''सामंतवादी सोच वाले लोगों के हावी 
इस दौरान मायावती ने अपने संदेश में कहा कि देश की सत्ता पर ''सामंतवादी, जातिवादी तथा शोषणकारी सोच वाले लोगों के लगातार हावी रहने की वजह से अंबेडकर का 'सर्वजन हितैषी' और 'बहुजन कल्याणकारी' संविधान अपने पवित्र उद्देश्यों को प्राप्त करने में ठीक से सफल नहीं हो पा रहा है।'' उन्होंने कहा कि इस समस्या के निदान के लिये देश व राज्यों में भी अंबेडकर की 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की नीति व सिद्धान्त वाली पार्टी बसपा की सरकार बनना जरूरी है।

बेमिसाल संविधान फिर भी जुल्म से मुक्त जीवन क्यों नहीं 
मायावती ने कहा, ''बेमिसाल संविधान होने के बावजूद भारत अब भी विकसित देश बनकर अपने करोड़ों बहुजनों को घनघोर गरीबी, बेरोजगारी, जातिवादी द्वेष तथा जुल्म से मुक्त जीवन क्यों नहीं दे पाया, इसका जवाब ढूंढने पर देश में अंबेडकर का सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति का कारवां चुनावी कामयाबी हासिल करके अपनी मंजिल की ओर जरूर बढ़ेगा।'' मायावती ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह अंबेडकर जयंती के दिन बहुजन समाज की सुरक्षा, सम्मान और विकास का आकलन करे तो ठीक होगा। 

अंबेडकर स्मारक में लोगों ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी 
उन्होंने कहा, "जनता में हर दुख को सह लेने की शक्ति होने का यह मतलब नहीं है कि सरकारें उन्हें गरीबी, बेरोजगारी व पिछड़ेपन की अंधी खाई से निकालने और उन्हें आत्म-सम्मान का जीवन देकर ऊपर उठाने और आगे बढ़ाने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से ना निभायें।" अंबेडकर जयंती पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के तट पर स्थित 'डॉक्टर भीमराव सामाजिक परिवर्तन स्थल' पर पहुंचकर अंबेडकर स्मारक में उन्हें श्रद्धांजलि दी।

बसपा के सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर मरम्मत का कार्य होने की वजह से इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग भी लखनऊ में स्थित स्मारक पर ही बाबा साहब को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने पहुंच रहे हैं। 

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