Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Aug, 2026 01:38 PM

केंद्र ने मेटा को साफ़ कर दिया है कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM) के उल्लंघन में शामिल लोगों या व्यक्तियों को 'सेफ़ हार्बर' सुरक्षा नहीं मिलेगी। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने मेटा से यह भी कहा है कि उसके कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को सिर्फ़...
नई दिल्ली: अमेरिकी कंपनी मेटा के साथ सरकार की बातचीत के बाद बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) के मुद्दे पर कार्रवाई और बढ़ी हुई संवेदनशीलता देखने को मिली है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी सामग्री कानून का स्पष्ट उल्लंघन है और इस तरह कानून का उल्लंघन होने पर 'सेफ हार्बर' का संरक्षण नहीं मिलेगा।
'सेफ हार्बर' एक कानूनी प्रावधान है जो इंटरनेट मध्यस्थों तथा सोशल मीडिया मंचों को उपयोगकर्ताओं द्वारा 'पोस्ट' की गई सामग्री के लिए कानूनी जिम्मेदारी या मुकदमों से बचाता है। सूत्रों ने बताया कि सरकार का मकसद 'सेंसरशिप' या किसी भी तरह से 'कवरेज' को सीमित करना नहीं है, बल्कि भारतीय कानूनों तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान को कम करना है। उन्होंने कहा, ''संदेश पहुंच गया है।'' मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि बातचीत के दौरान मेटा ने बताया कि उसके 'एल्गोरिदम' और प्रणालियां कैसे काम करती हैं।
उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और ऐसे मामलों में 'निर्णय लेने तथा बदलाव करने की जरूरत होती है। 'व्हाट्सऐप यूजरनेम' विवाद पर सूत्रों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, क्योंकि यह केवल उस मंच से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि अन्य संदेश ऐप भी इससे जुड़े हैं। सूत्रों ने बताया कि सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान को लेकर चिंता केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और फ्रांस समेत अन्य देश भी इससे चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान से निपटने और सही संतुलन कायम करने की जिम्मेदारी मंचों की है।
'AI Labeling' पर मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि कानून स्पष्ट है कि कृत्रिम रूप से तैयार सामग्री पर 'लेबल' लगाना अनिवार्य है और इसकी जिम्मेदारी तीन स्तरों पर है, जिनमें मंच भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मंचों को इसके अनुरूप नियमों का पालन करना होगा। अमेरिकी कंपनी मेटा फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों का संचालन करती है।
बता दें कि जुलाई में, सरकार ने मेटा को इंस्टाग्राम पर उन विज्ञापनों के लिए नोटिस जारी किया था, जिनसे कथित तौर पर CSAM (बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा मटीरियल) को बढ़ावा मिल रहा था या उस तक पहुंच आसान हो रही थी। सरकार ने प्लेटफॉर्म को ऐसा कंटेंट हटाने और इस बारे में विस्तार से जानकारी देने का निर्देश दिया था। इसके बाद केंद्र ने कहा कि वह आगे की कार्रवाई तय करने से पहले मेटा के जवाब की जांच कर रहा है।
CSAM को लेकर केंद्र का यह रुख अक्टूबर 2023 में की गई कार्रवाई के बाद आया है, जब MeitY ने CSAM के मामले में X, YouTube और Telegram को नोटिस जारी किए थे। साथ ही, चेतावनी दी थी कि अगर इंटरमीडियरी (मध्यस्थ कंपनियां) तुरंत कार्रवाई नहीं करती हैं, तो IT एक्ट की धारा 79 के तहत उन्हें मिलने वाली 'सेफ हार्बर' सुरक्षा वापस ली जा सकती है।