सात फेरे तो हुए लेकिन नहीं उठी डोली! बड़े भैया के सम्मान पर अड़ा दूल्हा, तो दुल्हन के परिजनों...

Edited By Updated: 05 Apr, 2026 03:04 PM

moradabad groom loses bride due to elder brother s ego

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक ऐसी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है जहां सात फेरे (निकाह) तो हुए लेकिन डोली नहीं उठी। ठाकुरद्वारा कोतवाली इलाके के एक गांव में खुशियों भरा माहौल उस वक्त हंगामे में बदल गया जब सलामी की एक छोटी सी रस्म को लेकर...

नेशनल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक ऐसी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है जहां सात फेरे (निकाह) तो हुए लेकिन डोली नहीं उठी। ठाकुरद्वारा कोतवाली इलाके के एक गांव में खुशियों भरा माहौल उस वक्त हंगामे में बदल गया जब सलामी की एक छोटी सी रस्म को लेकर दूल्हे ने अपनी जिद पाल ली। नतीजा यह हुआ कि दूल्हा निकाह करने के बाद भी अपनी दुल्हन को साथ नहीं ले जा सका और मामला अब पुलिस की चौखट तक पहुंच गया है।

क्या था पूरा विवाद? 

घटना 2 अप्रैल की है। दूल्हा बड़े अरमानों के साथ बारात लेकर वधू पक्ष के दरवाजे पहुंचा था। स्वागत-सत्कार और लजीज दावतों के बाद धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ निकाह की रस्म भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। विवाद तब शुरू हुआ जब विदाई के वक्त सलामी की रस्म अदा की जा रही थी। दूल्हे ने नोटिस किया कि उसके बड़े भाई को वह तवज्जो और मान-सम्मान नहीं दिया जा रहा है जिसकी वह उम्मीद कर रहा था। दूल्हा इस बात पर अड़ गया कि जब तक उसके बड़े भाई का सार्वजनिक रूप से उचित सम्मान नहीं होता वह विदाई नहीं कराएगा।

दुल्हन पक्ष का कड़ा फैसला

दूल्हे को बीच सड़क पर हंगामा करते देख दुल्हन के परिजनों का सब्र जवाब दे गया। मान-मनौव्वल और माफी मांगने के बावजूद जब दूल्हा शांत नहीं हुआ तो वधू पक्ष ने एक साहसी फैसला लिया।

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दुल्हन के पिता का तर्क 

जो लड़का विदाई जैसी भावुक रस्म के वक्त मामूली बात पर तमाशा खड़ा कर सकता है उसके घर हमारी बेटी कभी सुखी नहीं रह पाएगी। परिजनों ने अपनी बेटी की सुरक्षा और भविष्य को देखते हुए विदाई से साफ इनकार कर दिया और बारात को खाली हाथ वापस भेज दिया।

कानूनी लड़ाई: हर्जाना या बहू?

रिश्तों की यह कड़वाहट अब ठाकुरद्वारा कोतवाली पहुंच चुकी है। दूल्हे के पिता ने पुलिस को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। उनकी दो मांगें हैं या तो उनकी बहू को पूरे सम्मान के साथ विदा किया जाए। अन्यथा शादी और बारात की तैयारियों में खर्च हुई पूरी धनराशि (हर्जाना) वापस दिलाई जाए।

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पुलिस की कार्रवाई

प्रभारी निरीक्षक (ठाकुरद्वारा कोतवाली) ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दूल्हा पक्ष की ओर से प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। पुलिस दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ कर रही है। तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यह मामला पूरे इलाके में 'टॉक ऑफ द टाउन' बना हुआ है। लोग हैरान हैं कि कैसे एक छोटी सी रस्म और सम्मान की जिद ने हंसते-खेलते घर को बसने से पहले ही उजाड़ दिया।

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