Edited By Sanjeev,Updated: 09 Oct, 2026 08:39 AM

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद पणजी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (UD) का मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 76 वर्षीय अभिनेता को डोना पाउला के ओशन पार्क स्थित उनके आवास से...
पणजी (गोवा) : दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद पणजी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (UD) का मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 76 वर्षीय अभिनेता को डोना पाउला के ओशन पार्क स्थित उनके आवास से बांबोलिम के मणिपाल अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में मृत अवस्था में लाया गया था। PSI नितिन नाइक के नेतृत्व में इस मामले की आगे की जांच चल रही है।
गुरुवार रात पुणे में उनके डोंजे फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के बाद नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'नाना साहब जैसा व्यक्ति कभी हमें छोड़कर नहीं जाता; उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। दूसरी बात, उनका हमेशा मानना था कि सभी को एक साथ आना चाहिए और वैश्विक स्तर पर सही रास्ते पर चलना चाहिए। तीसरी बात, भविष्य के बारे में नाना साहब जो विजन (सोच) छोड़ गए हैं, उसे आगे बढ़ाते हुए ही हम अपने आगे के जीवन को आकार देंगे।'
नाना पाटेकर के निधन की खबर गुरुवार सुबह आई और तब से उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। शाहरुख खान ने X पर नाना पाटेकर के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर शेयर की और दिवंगत अभिनेता को अपना "मेंटर, शिक्षक, आलोचक और दोस्त" बताया। अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए SRK ने लिखा कि वह इतने प्रभावित और असहज थे कि अपने बालों से खेलने लगे, जिस पर नाना ने उनका हाथ झटक दिया और कहा, 'हीरो की तरह बाल मत बना... तू एक्टर है'।
जब मैं उनसे पहली बार मिला, तो घबराहट और झिझक की वजह से मैं अपने बाल ठीक करने लगा। SRK ने लिखा, उन्होंने मेरा हाथ झटक दिया और कहा, 'हीरो की तरह बाल मत बना... तू एक्टर है'! वह चापलूसी नहीं करते थे। वह वही नहीं कहते थे जो आप सुनना चाहते थे, बल्कि वह कहते थे जो आपको सुनना चाहिए था। नाना ऐसे ही थे। साफ-सुथरी बात करने वाले, थोड़े सख्त, ईमानदार और उनकी मुस्कान बहुत प्यारी थी। प्यार दिखाने का उनका अंदाज हमेशा अनोखा होता था। वह पहले आप पर चिल्लाते थे, और फिर तीसरी या चौथी बार डांटने के बीच ही आपको एहसास होता था कि वह आपको गले लगा रहे हैं। वह मुझसे प्यार करते थे और मैं भी उनसे प्यार करता था। वह मेरे मेंटर, टीचर, आलोचक और दोस्त थे, जो कैरम के खेल में मुझे और अपने आस-पास के सभी लोगों को बार-बार हराते थे और अपनी जीत का मज़ा लेते थे।'
SRK को अफसोस है कि उन्हें साथ में ज्यादा समय नहीं मिला। काश! वे और बातें कर पाते, बहस कर पाते, चाय पी पाते और कैरम खेल पाते। शाहरुख को नाना की एक सीख भी याद आई जो हमेशा उनके साथ रही, 'हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना' - यानी हीरो की इमेज बनाने के चक्कर में कभी भी अपने अंदर के एक्टर को नहीं खोना चाहिए। उन्होंने आगे लिखा, 'नाना, आपका जोश, हंसी, पागलपन और प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। काश! हमारे पास और बातें करने, एक और बहस करने, एक और कप चाय पीने और कैरम खेलने का समय होता। आपने न सिर्फ सिनेमा की दुनिया में, बल्कि सभी भारतीयों और दुनिया भर के लोगों के दिलों में भी एक खालीपन छोड़ दिया है। मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि मैं आपको बहुत याद करूंगा और आपकी बातों को हमेशा अपने दिल में संजोकर रखूंगा... 'हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना'।
शाहरुख ने अपनी श्रद्धांजलि को प्यार भरे अंदाज में खत्म करते हुए लिखा, 'नाना, आपकी आत्मा को शांति मिले और अल्लाह आप पर अपनी कृपा बनाए रखे। स्वर्ग भी आपको पाकर धन्य हो जाएगा... आप एक बेहतरीन एक्टर और बेजोड़ कैरम चैंपियन थे। आपसे बहुत प्यार है और आपकी बहुत याद आएगी!! मेरे हीरो एक्टर, आप बहुत जल्दी चले गए! RIP।' 75 साल के नाना अपने पीछे पत्नी नीलकंठी पाटेकर और बेटे मल्हार को छोड़ गए हैं।