Edited By Anu Malhotra,Updated: 22 May, 2026 11:50 AM

Highway/Ambulance Service: देशभर में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी मेडिकल सहायता के लिए एक बड़ा कदम उठाया। अब हाईवे पर दुर्घटना होने के बाद महज 10 मिनट के अंदर एंबुलेंस मौके पर पहुंचाने का लक्ष्य तय...
Highway/Ambulance Service: देशभर में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी मेडिकल सहायता के लिए एक बड़ा कदम उठाया। अब हाईवे पर दुर्घटना होने के बाद महज 10 मिनट के अंदर एंबुलेंस मौके पर पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसका मकसद हादसों में घायल लोगों की जान बचाना और गोल्डन ऑवर का सही इस्तेमाल करना है।
गोल्डन ऑवर पर फोकस
डॉक्टरों के मुताबिक किसी भी गंभीर सड़क हादसे के बाद शुरुआती एक घंटा यानी गोल्डन ऑवर सबसे अहम होता है। अगर इस दौरान घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक समय पर पहुंचा दिया जाए तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हाईवे सुरक्षा सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
हर कुछ दूरी पर रहेंगी एंबुलेंस
नई योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर तय दूरी के भीतर एंबुलेंस तैनात की जा रही हैं। इनमें बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) जैसी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। हादसे की सूचना मिलते ही नजदीकी एंबुलेंस तुरंत रवाना होगी ताकि देरी को कम किया जा सके।
GPS और AI तकनीक से होगी निगरानी
हाईवे सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ दिया गया है। एंबुलेंस में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जा रहा है जिससे कंट्रोल रूम उनकी लोकेशन लगातार मॉनिटर कर सके। इसके अलावा एक्सप्रेसवे और हाईवे पर लगे CCTV कैमरे तथा AI आधारित एक्सीडेंट डिटेक्शन सिस्टम भी दुर्घटना की पहचान कर तुरंत अलर्ट भेजेंगे। इससे कई मामलों में लोगों के फोन करने का इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा और रेस्क्यू टीम तुरंत एक्टिव हो जाएगी। सरकार और हाईवे अथॉरिटी लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 के प्रति जागरूक भी कर रही है।