15 दिन में ओमीक्रॉन पर पूरी हो जाएगी रिसर्च, उसके बाद होगा वैक्सीन की तीसरी डोज पर निर्णय

Edited By Updated: 04 Dec, 2021 12:43 PM

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कोरोना का ओमीक्रॉन वेरिएंट दुनिया के कई देशों में अपना कहर बरपा रहा है। भारत में भी इसे लेकर सतर्कता बरती जा रही है। सीरम इंस्टीट्यूट ओमीक्रॉन के लिए बूस्टर वैक्सीन लाने की तैयारी कर रहा है। सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने एक इंटरव्यू में...

नेशनल डेस्क: कोरोना का ओमीक्रॉन वेरिएंट दुनिया के कई देशों में अपना कहर बरपा रहा है। भारत में भी इसे लेकर सतर्कता बरती जा रही है। सीरम इंस्टीट्यूट ओमीक्रॉन के लिए बूस्टर वैक्सीन लाने की तैयारी कर रहा है। सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस वेरिएंट पर शोध हो रहा है। इसे पूरा होने में करीब 15 दिन का समय लगेगा। इसके बाद इस नतीजे पर पहुंचा जाएगा कि किया इस वेरिएंट के लिए अतिरिक्त वैक्सीन की जरूरत है कि नहीं। उन्होंने कहा कि अभी इस बात को लेकर रिसर्च किया जा रहा है कि ओमीक्रॉन के लिए तीसरी या चौथी डोज की जरूरत होगी या सिर्फ बूस्टर डोज से इसे काबू किया जा सकेगा।

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बूस्टर डोज 6 महीने हो सकती है तैयार
अदार पूनावाला के मुताबिक ओमीक्रॉन वेरिएंट को लेकर शोध जारी हैं। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इसकी बूस्टर डोज तैयार की जाएगी। इसे तैयार होने में छह महीने का समय लग सकता है। पूनावाला ने कहा कि हाल में लैंसेट की रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कहा है कि कोविशील्ड को कोरोना के खिलाफ 63 फीसद असरदार पाया गया है। पूनावाला ने कहा कि जिन लोगों ने कोरोना की एक वैक्सीन लगवाई है या एक भी नहीं लगवाई है वह इसे लगवा लें। बता दें कि टीका बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने अब तक कोविशील्ड की 1.25 अरब खुराकों का उत्पादन किया है। कंपनी ने कहा है यह निर्णय इस वर्ष के अंत तक कोवशील्ड की 100 करोड़ खुराकों का उत्पादन करने के लक्ष्य को पूरा करने पर निर्भर था। 

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