Edited By Radhika,Updated: 06 Apr, 2026 03:35 PM

बुढ़ापे में लोगों की इनकम का स्त्रोत उनकी जमा पूंजी होती है। अपने इस निवेश को ज्यादा बेहतर बनाने के लिए इस बदलते दौर के साथ टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ले रहे हैं। एआई ऐप्स अब उम्र, पेंशन और मासिक खर्चों का विश्लेषण कर...
AI Tools for Retirement Planning: बुढ़ापे में लोगों की इनकम का स्त्रोत उनकी जमा पूंजी होती है। अपने इस निवेश को ज्यादा बेहतर बनाने के लिए इस बदलते दौर के साथ टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ले रहे हैं। एआई ऐप्स अब उम्र, पेंशन और मासिक खर्चों का विश्लेषण कर कस्टमाइज्ड निवेश प्लान सुझा रहे हैं।
निवेश में मदद करने वाले 4 प्रमुख सेबी (SEBI) रजिस्टर्ड ऐप्स
अगर आप डिजिटल निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं, तो ये ऐप्स आपके काम आ सकते हैं:

1. Groww (ग्रो)
यह ऐप नए निवेशकों के लिए बहुत सरल है। आधार और पैन के जरिए अकाउंट बनाकर आप 'AI Investing' फीचर का लाभ ले सकते हैं। इससे सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) जैसे विकल्पों की जानकारी और ऑटो-अलर्ट की सुविधा। इसके लिए शुरुआत थोड़ी अमाउंट से करें।

2. INDmoney
यह ऐप आपके सभी पुराने निवेशों (LIC, बैंक अकाउंट, म्यूचुअल फंड) को एक जगह सिंक कर देता है। इसका फायदा है कि यह आपकी Net Worth दिखाता है और पुरानी भूली हुई पॉलिसी ढूंढने में मदद करता है। निवेश की सलाह को किसी एक्सपर्ट से क्रॉस-चेक जरूर करें।

3. Zerodha Kite
सुरक्षित और सरकारी निवेश चाहने वालों के लिए यह बेहतरीन है। इसमें 'G-Sec' और 'SGB' सेक्शन होते हैं। आप सीधे ट्रेजरी बिल और गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। यह ऐप जोखिम भरे निवेश से पहले अलर्ट भी करता है। सुरक्षा के लिए 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग करें।
4. Scripbox
रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए इसमें खास 'Senior Plan' मौजूद है। इसका सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) फीचर बुजुर्गों को हर महीने पेंशन की तरह पैसे निकालने की सुविधा देता है।
एआई टूल्स इस्तेमाल करते समय रखें ये 6 सावधानियां
1. रजिस्ट्रेशन जांचें: केवल SEBI रजिस्टर्ड ऐप्स का ही उपयोग करें।
2. छोटी शुरुआत: पहले 2-5 हजार रुपये से निवेश करके सिस्टम को समझें।
3. गोपनीयता: अपना ओटीपी (OTP) या पासवर्ड किसी को न बताएं।
4. अपनों का साथ: सेटअप के लिए घर के बच्चों या जानकार परिजनों की मदद लें।
5. विशेषज्ञ की सलाह: एआई सिर्फ एक सुझाव है, अंतिम फैसला वित्तीय सलाहकार से पूछकर लें।
6. जोखिम का बंटवारा: सारा पैसा एक ही जगह न लगाएं (Diversify your portfolio)।