Edited By Mehak,Updated: 05 Jan, 2026 06:28 PM

सर्दियों के मौसम में किडनी की सेहत पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। ठंड के कारण लोग कम पानी पीते हैं, जिससे किडनी पर दबाव बढ़ सकता है। गलत खानपान, ज्यादा नमक और शारीरिक गतिविधियों की कमी से किडनी स्टोन और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। गुनगुना...
नेशनल डेस्क : सर्दियों के मौसम में जहां ठंड से राहत मिलती है, वहीं कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। खासकर किडनी के मरीजों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है। किडनी शरीर से हानिकारक तत्व और अतिरिक्त पानी बाहर निकालने का काम करती है और खून को साफ रखती है। ठंड के दिनों में कम पानी पीना, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है, जिससे कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
सर्दियों में सबसे बड़ी समस्या, कम पानी पीना
ठंड के कारण लोगों को प्यास कम लगती है और वे पानी पीना टाल देते हैं, लेकिन यह किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। किडनी के सही काम करने के लिए शरीर में पर्याप्त पानी होना जरूरी है। प्यास लगे या न लगे, हर 1–2 घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए। इससे पेशाब का रंग हल्का रहता है, जो शरीर में पानी की सही मात्रा का संकेत देता है और किडनी स्टोन का खतरा भी कम होता है।
गुनगुना पानी है सबसे बेहतर विकल्प
सर्दियों में ठंडे पानी की बजाय गुनगुना पानी पीना ज्यादा फायदेमंद होता है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है और किडनी में जमा हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। साथ ही पाचन भी बेहतर रहता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
खानपान पर भी दें ध्यान
किडनी की सेहत के लिए सिर्फ पानी ही नहीं, सही खानपान भी जरूरी है। ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड किडनी पर बुरा असर डाल सकते हैं। अधिक नमक से पेशाब में कैल्शियम बढ़ता है, जिससे स्टोन बनने का खतरा होता है। पालक, चुकंदर, चॉकलेट और ज्यादा चाय जैसे ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थ सीमित मात्रा में लें। इसके बजाय ताजे फल, सब्जियां, दालें और संतुलित आहार अपनाना बेहतर होता है।
शारीरिक गतिविधि भी है जरूरी
सर्दियों में लोग कम बाहर निकलते हैं और शारीरिक गतिविधियां घट जाती हैं, जो किडनी के लिए ठीक नहीं है। रोजाना हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या आसान एक्सरसाइज करने से मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। इससे किडनी स्टोन का खतरा भी कम होता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर कमर में लगातार दर्द, पेशाब में जलन या खून दिखे, तो इसे हल्के में न लें। समय पर डॉक्टर से सलाह और जरूरी जांच कराना किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है।