Edited By Parveen Kumar,Updated: 12 Mar, 2026 08:31 PM

इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सीजन को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीमों के अभ्यास सत्र के लिए नए नियम तय कर दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी फ्रेंचाइज़ी को उस पिच पर अभ्यास करने की अनुमति नहीं होगी, जिसका इस्तेमाल पहले...
नेशनल डेस्क : इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सीजन को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीमों के अभ्यास सत्र के लिए नए नियम तय कर दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी फ्रेंचाइज़ी को उस पिच पर अभ्यास करने की अनुमति नहीं होगी, जिसका इस्तेमाल पहले विरोधी टीम अपने नेट सेशन में कर चुकी हो। इस फैसले का मकसद सभी टीमों को बराबर परिस्थितियां उपलब्ध कराना बताया जा रहा है।
हर टीम के लिए अलग पिच की व्यवस्था
Board of Control for Cricket in India ने फ्रेंचाइज़ियों को भेजी विस्तृत गाइडलाइंस में कहा है कि अभ्यास के दौरान हर टीम को अलग पिच दी जाएगी। अगर दो टीमों का प्रैक्टिस सेशन एक ही दिन में या एक के बाद एक रखा जाता है, तो दूसरी टीम के लिए नई नेट पिच तैयार की जाएगी। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि पहली टीम द्वारा इस्तेमाल की गई नेट पिच, थ्रोडाउन एरिया या रेंज-हिटिंग विकेट का उपयोग दूसरी टीम नहीं कर सकेगी। यानी हर टीम को अभ्यास के दौरान पूरी तरह अलग व्यवस्था दी जाएगी।
प्रैक्टिस मैच की समयसीमा भी तय
बोर्ड ने अभ्यास मैचों को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए हैं। अगर कोई टीम फ्लडलाइट में अभ्यास मैच खेलना चाहती है, तो उसकी अवधि साढ़े तीन घंटे से ज्यादा नहीं हो सकती। इसके अलावा किसी भी टीम को अधिकतम दो प्रैक्टिस मैच खेलने की ही अनुमति होगी और इसके लिए पहले से बोर्ड की मंजूरी लेना जरूरी होगा।
मेन पिच पर अभ्यास या मैच नहीं
बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि प्रैक्टिस मैच मुख्य पिच (मेन स्क्वॉयर) पर नहीं खेले जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि उसी समय लीग मुकाबलों के लिए पिच तैयार करने का काम जारी रहेगा। अगर किसी फ्रेंचाइज़ी को अभ्यास मैच की जरूरत होती है, तो वह राज्य क्रिकेट संघ से अलग प्रैक्टिस ग्राउंड उपलब्ध कराने का अनुरोध कर सकती है।
होम टीम संभालेगी पूरी व्यवस्था
नई गाइडलाइंस के अनुसार, जिस शहर में मैच खेला जाना है वहां की होम फ्रेंचाइज़ी दोनों टीमों के अभ्यास सत्र की व्यवस्था करेगी। इसमें खिलाड़ियों के लिए कैटरिंग, अभ्यास से जुड़ी सुविधाएं और मैदान की तैयारी शामिल होगी। वहीं प्लेऑफ चरण में प्रैक्टिस से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं बोर्ड की ओर से की जाएंगी।