Elderly Parents Punishment: भारत में बेघर होते बुजुर्ग! अब भूलकर भी न करें अपने पैरेंट्स के साथ ये बर्ताव, नहीं तो...

Edited By Updated: 02 Mar, 2026 11:39 AM

if you don t serve the elderly your house will be taken back read the rules

कभी संयुक्त परिवारों के लिए मशहूर भारत में अब अकेलापन एक नया और डरावना ट्रेंड बनता जा रहा है। नौकरी की भागदौड़ और छोटे परिवारों की चाहत ने करोड़ों बुजुर्ग माता-पिता को उनके ही घरों में पराया कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की ताजा...

Maintenance Act for Senior Citizens India : कभी संयुक्त परिवारों के लिए मशहूर भारत में अब अकेलापन एक नया और डरावना ट्रेंड बनता जा रहा है। नौकरी की भागदौड़ और छोटे परिवारों की चाहत ने करोड़ों बुजुर्ग माता-पिता को उनके ही घरों में पराया कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की ताजा रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि देश में करीब 1.5 करोड़ सीनियर सिटिजन बिल्कुल अकेले रहने को मजबूर हैं।

आंकड़े जो चिंता बढ़ा रहे हैं

भारत की 1.4 अरब की आबादी में बुजुर्गों का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है। नेशनल कमीशन ऑन पॉपुलेशन की रिपोर्ट के अनुसार देश में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 23 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। लगभग 40 प्रतिशत बुजुर्गों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है जिनके पास आय का कोई नियमित स्रोत नहीं है।

PunjabKesari

क्या कहता है कानून? (Maintenance Act 2007)

अगर बच्चे अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं तो भारत का कानून बुजुर्गों को 'सुरक्षा कवच' प्रदान करता है। माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 के तहत कई महत्वपूर्ण प्रावधान हैं:

PunjabKesari

  1. भरण-पोषण की जिम्मेदारी (Section 4-18): बच्चों और कानूनी वारिसों पर अपने माता-पिता की देखभाल करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि वे ऐसा नहीं करते तो बुजुर्ग 'मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल' में शिकायत कर सकते हैं। ट्रिब्यूनल बच्चों को हर महीने गुजारा भत्ता (Maintenance Allowance) देने का आदेश दे सकता है।

  2. संपत्ति की वापसी (Section 23): यह सबसे शक्तिशाली प्रावधान है। अगर माता-पिता ने अपनी संपत्ति बच्चों को इस शर्त पर दी है कि वे बुढ़ापे में सेवा करेंगे, और बच्चे मुकर जाते हैं तो बुजुर्ग उस प्रॉपर्टी ट्रांसफर को रद्द करवाकर अपनी जमीन-जायदाद वापस पा सकते हैं।

  3. सरकारी सहायता: कानून के अनुसार हर जिले में कम से कम एक ओल्ड एज होम होना अनिवार्य है। साथ ही सरकारी अस्पतालों में बुजुर्गों के लिए अलग लाइन और इलाज में प्राथमिकता का नियम है।

PunjabKesari

सरकार की योजनाएं और ओल्ड एज होम

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 'अटल वयो अभ्युदय योजना' (AVYAY) के तहत बुजुर्गों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है:

PunjabKesari

  • नेटवर्क: वर्तमान में 29 राज्यों में 696 सीनियर सिटिजन होम चल रहे हैं।

  • ओडिशा नंबर-1: रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा सहायता प्राप्त ओल्ड एज होम (91) ओडिशा में स्थित हैं।

  • आश्रय: लगभग 16,290 बेसहारा बुजुर्गों को इन सरकारी सहायता प्राप्त केंद्रों में छत और भोजन मिल रहा है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!