Edited By Sahil Kumar,Updated: 10 Mar, 2026 07:55 PM
आज की असंतुलित जीवनशैली और गलत खानपान के कारण किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। शरीर शुरुआती चेतावनी संकेत देता है जैसे बार-बार पेशाब आना, चेहरे पर सूजन, पेशाब में खून, लगातार थकान और कमर दर्द। विशेषज्ञों का कहना है कि इन लक्षणों को...
नेशनल डेस्कः आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खानपान के चलते किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार शरीर छोटे-छोटे संकेत देकर चेतावनी देता है, लेकिन लोग इन्हें सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में गलत खानपान, तनाव और असंतुलित लाइफस्टाइल का असर सीधे सेहत पर पड़ रहा है। इसी वजह से कई लोग कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इनमें किडनी से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। चिंता की बात यह है कि अक्सर लोग किडनी खराब होने के शुरुआती संकेतों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकते हैं।
शरीर के लिए क्यों जरूरी है किडनी का स्वस्थ रहना?
किडनी हमारे शरीर के सबसे अहम अंगों में से एक है। इसका मुख्य काम खून को साफ करना, शरीर से विषैले और बेकार तत्वों को बाहर निकालना और पानी व जरूरी खनिजों का संतुलन बनाए रखना होता है। जब किडनी ठीक तरह से काम करती है, तो शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करता है। लेकिन किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है।
किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत
किडनी से जुड़ी समस्या होने पर शरीर कुछ ऐसे लक्षण दिखाता है, जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।
- कमर के निचले हिस्से या पसलियों के नीचे लगातार दर्द महसूस होना, जो कभी-कभी पेट या जांघों तक फैल सकता है।
- सामान्य मात्रा में पानी पीने के बावजूद बार-बार पेशाब आना।
- पेशाब करते समय जलन या दर्द का अनुभव होना।
- पेशाब का रंग गहरा या असामान्य दिखाई देना।
- पेशाब में खून आना, जो किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
- सुबह उठने पर आंखों के नीचे या चेहरे पर सूजन दिखाई देना।
- बिना ज्यादा मेहनत किए भी लगातार थकान महसूस होना।
- भूख कम लगना, जी मिचलाना या उल्टी की शिकायत होना।
- त्वचा पर बार-बार खुजली होना।
- हल्की गतिविधि करने पर भी सांस फूलना या सांस लेने में तकलीफ होना।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ये लक्षण शरीर में जमा हो रहे विषैले तत्वों की ओर इशारा करते हैं, जो किडनी के सही तरीके से काम न करने के कारण बढ़ने लगते हैं।
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
अगर ऊपर बताए गए लक्षणों में से एक या एक से ज्यादा लक्षण लगातार दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय रहते जांच और सही इलाज से किडनी को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है। इसके अलावा किडनी को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, ब्लड प्रेशर और वजन को नियंत्रण में रखना तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना भी बेहद जरूरी है।