घर खरीदते समय भूलकर भी मत करें ये 5 गलतियां, वरना बर्बाद हो जाएगा आपका पैसा

Edited By Updated: 27 Feb, 2026 03:15 PM

dont make these 5 mistakes when buying a house or your money will be wasted

अपना घर या फ्लैट खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन रियल एस्टेट में थोड़ी लापरवाही भी बड़ा नुकसान कर सकती है। घर खरीदने से पहले मालिकाना हक, Encumbrance Certificate, RERA रजिस्ट्री, ऑक्यूपेंसी और कंप्लीशन सर्टिफिकेट चेक करें। लोकेशन, आस-पड़ोस,...

नेशनल डेस्क : अपना खुद का घर या फ्लैट खरीदना सबका सपना होता है। लोग इसके लिए अपनी बचत लगाते हैं और कई सालों तक बैंक की किश्तें भरते हैं। लेकिन रियल एस्टेट की दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। कई बार लोग सोचते हैं कि सब ठीक है, लेकिन छिपे हुए खर्चे और कागजी विवाद बाद में सिरदर्द बन जाते हैं। इसलिए घर खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखना बहुत जरूरी है।

1. मालिकाना हक की पूरी जांच करें

घर या फ्लैट खरीदने से पहले सबसे जरूरी काम यह है कि आप यह सुनिश्चित करें कि जो व्यक्ति घर बेच रहा है, वह उसका असली मालिक है। साथ ही यह भी चेक करें कि उसके पास उस प्रॉपर्टी को बेचने का अधिकार है या नहीं। इसके लिए तहसील या रजिस्ट्री दफ्तर से 'Encumbrance Certificate' जरूर लें। इससे यह पता चल जाता है कि घर पर कोई पुराना लोन या बैंक का कर्ज तो नहीं है। यदि प्रॉपर्टी कोर्ट में फंसी हुई है, तो ऐसी संपत्ति से दूर रहना ही बेहतर है।

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2. कागजात और सरकारी मंजूरी का पूरा हिसाब

अगर आप नया फ्लैट या अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग खरीद रहे हैं, तो सबसे पहले यह देखें कि प्रोजेक्ट RERA (Real Estate Regulatory Authority) में रजिस्टर्ड है या नहीं। बिल्डर से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) और कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC) की मांग जरूर करें। बिना OC के घर में रहना कानूनी रूप से गलत माना जाता है। इसके अलावा बिल्डर से प्रोजेक्ट कब पूरा होगा और नक्शा सरकारी दफ्तर से पास है या नहीं, यह भी पूछें।

3. सिर्फ घर नहीं, आस-पड़ोस भी परखें

घर की कीमत उसके लोकेशन पर निर्भर करती है। घर फाइनल करने से पहले यह देखें कि ऑफिस, स्कूल, अस्पताल, बस या मेट्रो स्टेशन कितनी दूर हैं। साथ ही इलाके में भविष्य में क्या-क्या विकास होने वाला है, यह भी जांचें। प्रॉपर्टी की कीमत हमेशा सरकारी रेट (सर्किल रेट) के अनुसार तय करें, ताकि रजिस्ट्री के समय कोई परेशानी न हो।

4. सिर्फ घर की कीमत ही नहीं, छिपे हुए खर्चों का भी ध्यान रखें

अक्सर लोग केवल घर की कीमत को ही अपना बजट मान लेते हैं। असली खर्चे इसके बाद शुरू होते हैं। घर की कीमत के अलावा आपको स्टैंप ड्यूटी, रजिस्ट्री चार्ज, जीएसटी, होम लोन की प्रोसेसिंग फीस, वकीलों की फीस जैसे खर्च भी जोड़ने होंगे। अगर आपने इन खर्चों का हिसाब नहीं लगाया, तो अंतिम समय में बजट बिगड़ सकता है।

5. खुद जाकर घर की जांच करें

चाहे घर नया हो या पुराना, उसे देखकर ही हां कहें। मौके पर जाकर जांच करें कि घर में धूप और हवा आती है या नहीं। पानी की सप्लाई, बिजली और सीवर सिस्टम की स्थिति देखें। अगर बिल्डिंग बन रही है, तो इस्तेमाल होने वाले सामान की क्वालिटी जरूर जांचें। बेहतर होगा कि आप किसी इंजीनियर या जानकार को साथ लेकर जाएँ, ताकि दीवार और छत की मजबूती की सही जानकारी मिल सके।


 

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