UN की रिपोर्ट में दाऊद को लेकर बड़ी चूक, भारत ने जताया कड़ा एतराज, सुनाई खरी-खरी

Edited By Updated: 22 Oct, 2026 11:11 AM

new delhi rejects un rapporteur s description of dawood

भारत ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में डी-कंपनी को ‘भारत स्थित’ गिरोह बताए जाने पर कड़ा विरोध जताया। रघू पुरी ने कहा कि दाऊद इब्राहिम 2003 में प्रतिबंध सूची में शामिल होने से पहले भारत छोड़ चुका था। भारत ने रिपोर्ट में तथ्यात्मक गलतियों और संयुक्त...

New York: भारत ने संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष प्रतिवेदक की रिपोर्ट में भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के नेतृत्व वाली डी-कंपनी को ‘भारत स्थित’ आपराधिक गिरोह बताए जाने को सख्ती से खारिज कर दिया है। भारत ने रिपोर्ट में स्पष्ट और गंभीर तथ्यात्मक गलतियां होने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि विशेष अधिकार प्राप्त पदाधिकारियों की ऐसी लापरवाही से विश्व संगठन की विश्वसनीयता को भारी नुकसान पहुंचता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघू पुरी ने बुधवार को महासभा की तीसरी समिति में यह कड़ा जवाब दिया। उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करते हुए मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष प्रतिवेदक बेन सॉल की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यह मुद्दा उठाया।पुरी ने कहा कि भारत अन्य मंचों पर भी विशेष प्रतिवेदकों की ऐसी रिपोर्टों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करता रहा है, जिनमें तथ्यात्मक गलतियां होती हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों को इसके लिए जवाबदेह नहीं ठहराया जाता।

 

उन्होंने कहा कि यह अस्वीकार्य स्थिति है। इससे सदस्य देशों के सामने ऐसी परिस्थितियां पैदा होती हैं, जिनमें उन्हें किसी निर्णय को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। पुरी के मुताबिक, यह उस संगठन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है जिसकी विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि बेन सॉल की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वर्ष 2003 में अल-कायदा से संबंधों के कारण एक आपराधिक गिरोह के सरगना को प्रतिबंध सूची में शामिल किया था। रिपोर्ट में इस गिरोह को ‘भारत स्थित डी-कंपनी’ बताया गया है। पुरी ने इस विवरण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसे अलग से पढ़ने पर वास्तविक स्थिति की बिल्कुल अलग तस्वीर सामने आती है। भारत ने डी-कंपनी को भारत स्थित गिरोह बताए जाने को सख्ती से खारिज किया और स्पष्ट किया कि इस आपराधिक संगठन तथा इसके सरगना दाऊद इब्राहिम को 1993 के आतंकवादी हमलों के सिलसिले में भारत में वांछित घोषित किया गया है।

 

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अल-कायदा प्रतिबंध व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि दाऊद को सूचीबद्ध करने के कारणों के आधिकारिक विवरण में संबंधित तथ्य स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। पुरी ने आधिकारिक रिकॉर्ड के लिए स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि दाऊद इब्राहिम वर्ष 2003 में संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल किए जाने से काफी पहले भारत छोड़कर भाग गया था। उन्होंने कहा कि भारत से बाहर रहते हुए अल-कायदा और उसके सरगना ओसामा बिन लादेन से संबंधों के कारण उसे सूचीबद्ध किया गया था।भारत ने पाकिस्तान का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा कि दाऊद इब्राहिम अब भी भारत में वांछित अपराधी है और संयुक्त राष्ट्र की सूची के अनुसार, वह उसी देश में रहता है जहां ओसामा बिन लादेन का पता लगाया गया था।गौरतलब है कि ओसामा बिन लादेन को मई 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में अमेरिकी नौसेना के सील कमांडो ने एक अभियान के दौरान मार गिराया था। 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!