Edited By Tanuja,Updated: 08 Oct, 2026 03:58 PM

फ्लाईदुबई विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के बाद इजरायली राजदूत रियुवेन अजार ने भारत समेत दुनिया को आतंकवाद की नई लहर के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन सुरक्षा एजेंसियों से तेजी से क्षमता बढ़ा रहे हैं। अजार ने...
Jerusalem: फ्लाईदुबई विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले के बाद भारत में इजरायल के राजदूत रियुवेन अजार ने आतंकवाद को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भारत, इजरायल समेत दुनिया के देशों को आतंकवाद की एक नई लहर के लिए तैयार रहना होगा। अजार के मुताबिक आतंकी संगठन सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों की तुलना में तेजी से अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। एक विशेष साक्षात्कार में अजार ने कहा कि आतंकवाद की अगली लहर से बचने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सतर्क रहना होगा और तेजी से तैयारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि आतंकियों की गति से आगे निकलना जरूरी है।अजार ने चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकवादी संगठनों को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को उनसे तेज गति से काम करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद की अगली लहर आने की आशंका है और उससे निपटने के लिए पहले से तैयारी करनी होगी।
आतंकी संगठनों के बीच बढ़ते सहयोग के सवाल पर अजार ने हमास की मध्य-पूर्व से बाहर कथित गतिविधियों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल के दौरान हमास के कई वरिष्ठ कमांडर पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखे गए हैं। अजार ने हमास के नेताओं नाजी जाहिर और खालिद अल-कदूमी का जिक्र करते हुए दावा किया कि वे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। हालांकि, ये दावे इजरायली राजदूत के हैं और इनके स्वतंत्र सत्यापन के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इन आरोपों को अंतिम तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अजार ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि हमास ने क्षेत्र में सक्रिय कुछ आतंकी संगठनों को प्रभावित और प्रेरित किया है तथा पहलगाम हमला इसी व्यापक प्रभाव का एक उदाहरण था। उन्होंने कहा कि हमास के प्रतिनिधियों की क्षेत्र में बैठकों की जानकारी सामने आई है, लेकिन इन बैठकों के पीछे क्या गतिविधियां चल रही हैं, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इजरायली राजदूत की यह चेतावनी फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में हुई घटना की जांच के बीच आई है।
इस उड़ान में ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। हमले के दौरान कैप्टन मच्छार घायल हो गए, लेकिन उन्होंने मुकाबला जारी रखा और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर सह-पायलट को काबू करने में मदद की। विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन रूप से उतारा गया।अजार ने कहा कि जांच अभी यह तय नहीं कर पाई है कि यह किसी अकेले व्यक्ति की कार्रवाई थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क मौजूद था। हालांकि, उन्होंने इसे मौजूदा आतंकी खतरे के संदर्भ में गंभीर घटना बताया। अजार के मुताबिक, अगर किसी विमान से गंभीर सुरक्षा खतरे की आशंका पैदा होती है तो इजरायल में वायुसेना को सतर्क किया जाता है और राजनीतिक नेतृत्व को इसकी जानकारी दी जाती है। इसके बाद विमान को रोकने या उसका मार्ग बदलवाने जैसे फैसले राजनीतिक नेतृत्व करता है।