Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 Feb, 2026 11:55 AM

निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कई बडे़ ऐलान किए। जिसमें सरकार ने स्वास्थ्य और आयुष सेक्टर में सुधार और ऑरेंज इकोनॉमी के विस्तार के लिए कई महत्वाकांक्षी कदम उठाने का ऐलान किया है। प्राइवेट और सरकारी संस्थानों में नए एएचपी (AHP) संस्थान स्थापित...
नेशनल डेस्क: निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कई बडे़ ऐलान किए। जिसमें सरकार ने स्वास्थ्य और आयुष सेक्टर में सुधार और ऑरेंज इकोनॉमी के विस्तार के लिए कई महत्वाकांक्षी कदम उठाने का ऐलान किया है। प्राइवेट और सरकारी संस्थानों में नए एएचपी (AHP) संस्थान स्थापित किए जाएंगे और अगले पांच वर्षों में लगभग एक लाख एएचपी पेशेवरों को सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, देशभर में पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की स्थापना के लिए योजनाओं की शुरुआत करने का प्रस्ताव रखा गया है।
आयुष सेक्टर को और मजबूती देने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के बाद आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता और स्वीकार्यता मिली है। आयुर्वेद उत्पादों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए, आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा, जबकि जामनगर स्थित WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को और सुदृढ़ बनाने की योजना है।
पशु-चिकित्सा क्षेत्र में भी सरकार कदम बढ़ा रही है। पेशेवरों की संख्या बढ़ाने और निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा को प्रोत्साहित करने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना लाई जाएगी। साथ ही, लगभग 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
ऑरेंज इकोनॉमी में रोजगार सृजन पर भी जोर दिया गया है। सरकार के अनुसार, 2030 तक इस सेक्टर में 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में पुलिकट झील के किनारे बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।
इसके अलावा, भारत इस साल पहली बार ग्लोबल बिग कैट शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें 95 देशों के सरकारी प्रमुख और मंत्री भाग लेंगे। यह सम्मेलन देश को वैश्विक स्तर पर संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में मदद करेगा।