Edited By Rohini Oberoi,Updated: 01 Feb, 2026 03:33 PM

पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 'पुलिस वेरिफिकेशन' को अब और अधिक तेज और पारदर्शी बनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस (RPO) में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में प्रदेश के 55 जिलों से आए 150 से...
Passport Verification : पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 'पुलिस वेरिफिकेशन' को अब और अधिक तेज और पारदर्शी बनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस (RPO) में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में प्रदेश के 55 जिलों से आए 150 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य पासपोर्ट आवेदन में होने वाली गलतियों को सुधारना और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को सुलभ बनाना है।
छोटी सी गलती और अटक सकता है पासपोर्ट
ट्रेनिंग के दौरान एक्सपर्ट्स ने बताया कि पासपोर्ट आवेदन करते समय आवेदक अक्सर पते (Address) को लिखने में गलती कर देते हैं। पते में एक छोटी सी चूक भी आपके आवेदन को लंबे समय के लिए 'पेंडिंग' में डाल सकती है। यदि आवेदक के खिलाफ कोई कोर्ट केस या पुलिस केस है तो उसकी स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य है। जानकारी छिपाने पर न केवल आवेदन रद्द हो सकता है बल्कि कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि यदि सभी जानकारी सही और स्पष्ट है तो अब पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 24 घंटे के भीतर पूरी की जा सकती है।
एम-पुलिस ऐप से होगा त्वरित निराकरण
रीजनल पासपोर्ट अधिकारी शीतांशु चौरसिया ने बताया कि पासपोर्ट प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए 'एम-पुलिस' (mPolice) एंड्रॉइड एप्लिकेशन का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। छोटे जिलों में आवेदनों पर आने वाली आपत्तियों (Objections) को दूर करने के लिए इस ऐप के माध्यम से सुनवाई की जा रही है। पिछले एक साल में मध्य प्रदेश में 3 लाख से ज्यादा आवेदनों का त्वरित वेरिफिकेशन किया गया है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले थाने सम्मानित
कार्यशाला में उन थानों को पुरस्कृत किया गया जिन्होंने पासपोर्ट वेरिफिकेशन के काम में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है:
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भोपाल का कोहेफिजा थाना: सर्वाधिक 3000 वेरिफिकेशन करने के लिए प्रथम पुरस्कार मिला।
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अन्य सम्मानित थाने: रतलाम का मानिक चौक, सतना सिटी कोतवाली, शिवपुरी कोतवाली और धार का राजोद थाना भी अपने त्वरित कार्य के लिए सम्मानित किए गए।
इन दिग्गजों ने दी ट्रेनिंग
समापन अवसर पर एडीजी (इंटेलिजेंस) ए. साईं मनोहर, पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा, आईजी अंशुमान सिंह और डीसीपी सोनाक्षी सक्सेना मौजूद रहे। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों द्वारा पूछे गए तकनीकी सवालों के जवाब दिए ताकि भविष्य में आवेदकों को थानों के चक्कर न काटने पड़ें।