एनआईटी जालंधर में “शिक्षा महाकुंभ 2025” पर प्रेस वार्ता

Edited By Updated: 13 Oct, 2025 02:51 PM

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डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर में शिक्षा महाकुंभ 2025 के संबंध में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। यह आयोजन विभागीय समग्र शिक्षा (डीएचई) और नाइपर मोहाली की संयुक्त पहल है, जिसका मुख्य आयोजन 31 अक्टूबर से 2 नवंबर...

नेशनल डेस्क: डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर में शिक्षा महाकुंभ 2025 के संबंध में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। यह आयोजन विभागीय समग्र शिक्षा (डीएचई) और नाइपर मोहाली की संयुक्त पहल है, जिसका मुख्य आयोजन 31 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 तक नाइपर मोहाली में “कक्षा से समाज तक – शिक्षा के माध्यम से एक स्वस्थ विश्व का निर्माण” विषय पर होने वाला है । यह प्रेस वार्ता प्रो. (डॉ.) ठाकुर सुदेश रंजन, वरिष्ठ वैज्ञानिक (इसरो) एवं निदेशक, विभागीय समग्र शिक्षा; श्री विजय ठाकुर, प्रांत कोषाध्यक्ष, विद्या भारती पंजाब; और प्रो. अजय बंसल, रजिस्ट्रार, एनआईटी जालंधर के साथ आयोजित की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. ठाकुर सुदेश रंजन ने बताया कि शिक्षा महाकुंभ की शुरुआत एनआईटी जालंधर से हुई थी और आज यह पूरे देश में शिक्षा सुधार का एक बड़ा अभियान बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को फिर से “विश्वगुरु” बनाने की दिशा में एक कदम है, जहां शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं बल्कि समाज निर्माण का आधार बने। उन्होंने कहा कि इस बार का आयोजन नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और सहयोग पर केंद्रित रहेगा। इसमें कई सत्र, शोध प्रस्तुतियां और विभिन्न संस्थानों के साथ साझेदारी के कार्यक्रम होंगे।आगे अपने विचार साझा करते हुए प्रो. अजय बंसल ने कहा कि शिक्षा महाकुंभ अब एक ऐसा मंच बन गया है जहां शिक्षक, विद्यार्थी, प्रशासक और उद्योग जगत के लोग एक साथ आकर शिक्षा के विकास पर चर्चा करते हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक शिक्षा को भारतीय परंपरा, मूल्यों और भारतीय ज्ञान प्रणाली से जोड़ना आवश्यक है ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा पद्धति हमेशा से बहुआयामी रही है, और आज उसी भावना को आधुनिक रूप में पुनर्जीवित करने की जरूरत है।

विद्या भारती की ओर से बोलते हुए श्री विजय ठाकुर ने कहा कि संगठन हमेशा मूल्य-आधारित शिक्षा के लिए कार्य करता आया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा महाकुंभ भारत की पुरानी सीखने और संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाता है और इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को संस्कृति, नैतिकता और ज्ञान के मूल्यों से जोड़ते हुए आधुनिक शिक्षा के साथ आगे बढ़ाना है। प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया, निदेशक, एनआईटी जालंधर ने शिक्षा महाकुंभ 2025 जैसे आयोजनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना की और कार्यक्रम की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

इसी के साथ वक्ताओं ने यह विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा महाकुंभ 2025 भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अहम कदम साबित होगा और “कक्षा से समाज तक – शिक्षा के माध्यम से एक स्वस्थ विश्व का निर्माण” के साथ-साथ भारत को शिक्षा के क्षेत्र में विश्व नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
 

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