Edited By Mansa Devi,Updated: 25 Mar, 2026 10:46 AM

देश में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है और अब यह समस्या केवल Delhi तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि पूरे भारत में फैलती नजर आ रही है। हाल ही में I
नेशनल डेस्क: देश में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है और अब यह समस्या केवल Delhi तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि पूरे भारत में फैलती नजर आ रही है। हाल ही में I QAir द्वारा जारी World Air Quality Report 2025 के मुताबिक, दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में भारत की बड़ी हिस्सेदारी है। रिपोर्ट बताती है कि टॉप 50 प्रदूषित शहरों में से 29 भारत में हैं, जबकि दुनिया के 5 सबसे प्रदूषित शहरों में से 3 भी भारत के ही हैं।
दिल्ली और नई दिल्ली की स्थिति बेहद खराब
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में Delhi दुनिया का चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि New Delhi एक बार फिर दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी के रूप में सामने आया है। दिल्ली में PM2.5 का सालाना औसत स्तर 99.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो World Health Organization द्वारा तय सुरक्षित सीमा 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से लगभग 20 गुना अधिक है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें थोड़ी कमी जरूर आई है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
लोनी बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर
इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित Loni को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बताया गया है। यहां PM2.5 का औसत स्तर 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो 2024 के मुकाबले करीब 23 प्रतिशत अधिक है। यह स्तर WHO के मानकों से 20 गुना से भी ज्यादा है। लोनी के बाद चीन का Hotan और मेघालय का Byrnihat दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुनिया के 25 सबसे प्रदूषित शहर मुख्य रूप से भारत, पाकिस्तान और चीन में ही मौजूद हैं।
दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानियां
रिपोर्ट में दिल्ली और नई दिल्ली के बीच अंतर भी बताया गया है। नई दिल्ली का औसत PM2.5 स्तर 82.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जिससे यह लगातार दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी हुई है। इसके बाद बांग्लादेश की राजधानी Dhaka और ताजिकिस्तान की राजधानी Dushanbe का स्थान रहा।
भारत की वैश्विक रैंकिंग में मामूली सुधार
अगर देशों की बात करें तो 2025 में भारत दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश रहा। देश का औसत PM2.5 स्तर 48.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो 2024 के 50.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के मुकाबले थोड़ा कम है। इससे पहले भारत पांचवें स्थान पर था। वहीं दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में Pakistan, Bangladesh, Tajikistan, Chad और Democratic Republic of the Congo शामिल हैं।
प्रदूषण में हल्की गिरावट, लेकिन खतरा बरकरार
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में प्रदूषण के स्तर में हल्की गिरावट जरूर देखी गई है। राष्ट्रीय औसत PM2.5 में करीब 3 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि दिल्ली में यह कमी लगभग 8 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर अभी भी तय मानकों से काफी ज्यादा है। भारत में PM2.5 की सुरक्षित सीमा 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर निर्धारित है, जो WHO के 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के मानक से काफी अधिक है।