अब चांदी खरीदते वक्त नहीं होगी कोई भी धोखाधड़ी, सरकार उठाने जा रही ये बड़ा कदम

Edited By Updated: 07 Jan, 2026 03:52 PM

now no more cheating when buying silver governmen is going to take this big step

चांदी के गहनों और सामानों में धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार अनिवार्य हॉलमार्किंग पर विचार कर रही है। बीआईएस के मुताबिक, फिलहाल चांदी पर हॉलमार्किंग वैकल्पिक है, लेकिन HUID सिस्टम से शुद्धता की पहचान की जा सकती है। सरकार उद्योग से बातचीत और...

नेशनल डेस्क : सोने के गहनों में मिलावट और धोखाधड़ी रोकने के लिए जिस तरह हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया गया था, अब उसी दिशा में चांदी के गहनों को लेकर भी बड़ा कदम उठाया जा सकता है। केंद्र सरकार चांदी के गहनों और चांदी से बने अन्य सामानों को अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे में लाने पर विचार कर रही है। इसका मकसद ग्राहकों को शुद्धता को लेकर ठगी से बचाना है। इस बारे में Bureau of Indian Standards (BIS) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है। फिलहाल चांदी की हॉलमार्किंग होती तो है, लेकिन यह स्वैच्छिक (वॉलंटरी) है, जबकि सोने के गहनों पर हॉलमार्क अनिवार्य किया जा चुका है। सरकार का मानना है कि अगर चांदी पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य होती है, तो इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और बाजार में पारदर्शिता आएगी।

HUID से होगी शुद्धता की पहचान

मौजूदा व्यवस्था में जिन चांदी के गहनों पर हॉलमार्क किया जाता है, उन पर 6 अंकों का हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (HUID) दिया जाता है। इस नंबर के जरिए ग्राहक BIS के डेटाबेस में जाकर गहनों की शुद्धता और उसकी ट्रेसबिलिटी की जांच कर सकते हैं। हालांकि अभी यह नियम सभी चांदी के उत्पादों पर लागू नहीं है।

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BIS क्या कहता है?

BIS के महानिदेशक संजय गर्ग के अनुसार, ज्वैलरी इंडस्ट्री की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही है कि चांदी को भी अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे में लाया जाए। उन्होंने बताया कि BIS इस फैसले से पहले जरूरी तैयारियों की समीक्षा कर रहा है, जिसमें टेस्टिंग लैब्स की क्षमता, असेइंग (शुद्धता जांच) के मानक और इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चांदी की हॉलमार्किंग में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। अब तक 20 लाख से ज्यादा चांदी की वस्तुओं पर HUID के साथ हॉलमार्किंग हो चुकी है। साल 2024 में जहां करीब 31 लाख चांदी की वस्तुओं की वॉलंटरी हॉलमार्किंग हुई थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 51 लाख तक पहुंच गया।

अभी तय नहीं हुई समयसीमा

BIS ने साफ किया है कि चांदी की अनिवार्य हॉलमार्किंग को लेकर अभी कोई तय तारीख नहीं है। किसी भी औपचारिक अधिसूचना से पहले सभी इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स से चर्चा की जाएगी और टेस्टिंग से जुड़ी सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।

चांदी की बढ़ती कीमत और भारत की बड़ी भूमिका

चांदी की हॉलमार्किंग पर यह विचार ऐसे समय में हो रहा है, जब इसकी कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े चांदी उपभोक्ताओं में शामिल है। देश में हर साल करीब 5,000 से 7,000 टन चांदी की मांग रहती है, जबकि घरेलू उत्पादन इसका बहुत छोटा हिस्सा ही पूरा कर पाता है।

BIS अधिकारियों का कहना है कि सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू करने से जो अनुभव मिले हैं, उन्हीं को आधार बनाकर चांदी के लिए भी नियम तैयार किए जाएंगे। फिलहाल सितंबर 2025 से हॉलमार्क किए गए चांदी के गहनों पर HUID नंबर अनिवार्य किया जा रहा है, लेकिन सभी चांदी के सामानों पर हॉलमार्किंग अभी लागू नहीं है।

 

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