Edited By Parveen Kumar,Updated: 02 Mar, 2026 12:42 AM

अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच वहां रह रहे करीब 97 लाख भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने...
नेशनल डेस्क : अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच वहां रह रहे करीब 97 लाख भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने आपात तैयारी शुरू कर दी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दो दिवसीय दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi रविवार रात करीब 9:30 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। लौटते ही वे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें मौजूदा हालात और विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा रणनीति पर चर्चा होगी।
सेना-नौसेना अलर्ट, निकासी की पूरी तैयारी
सरकार ने किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना और नौसेना को अलर्ट पर रखा है। जरूरत पड़ने पर हवाई मार्ग से बड़े पैमाने पर निकासी की योजना तैयार है। साथ ही समुद्री रास्ते से, खासकर Strait of Hormuz के जरिए भी भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने ईरान, इज़रायल और अन्य खाड़ी देशों के अपने समकक्षों से बातचीत कर भारत की गहरी चिंता जताई है। उन्होंने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया। क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावासों ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने, सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
खाड़ी देशों में बड़ी भारतीय आबादी
मिडिल ईस्ट में भारतीय प्रवासी समुदाय बड़ी संख्या में मौजूद है। United Arab Emirates में करीब 39 लाख, Saudi Arabia में 27.5 लाख, Kuwait में 10 लाख से अधिक, Qatar में लगभग 8.3 लाख, Oman में 6.6 लाख और Bahrain में करीब 3.5 लाख भारतीय रह रहे हैं।