Edited By Radhika,Updated: 06 Mar, 2026 01:57 PM

देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इस समय 8th Pay Commission के आधिकारिक ऐलान का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा नए गणितीय आधार को लेकर भी चर्चा है जो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के ढांचे को पूरी तरह बदल सकता है।
8th Pay Commission: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इस समय 8th Pay Commission के आधिकारिक ऐलान का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा नए गणितीय आधार को लेकर भी चर्चा है जो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के ढांचे को पूरी तरह बदल सकता है।
3 यूनिट नहीं, अब '5 फैमिली यूनिट' की रखी मांग
आपको बता दें कि वेतन आयोग के इतिहास में अब तक सैलरी तय करने के लिए 'अकरोयड फॉर्मूले' (Aykroyd Formula) का सहारा लिया जाता रहा है। इसमें पति-पत्नी और दो बच्चों सहित कुल 3 यूनिट के परिवार को आधार मानकर खर्चों का आकलन किया जाता है। लेकिन, कर्मचारी संगठनों की इस बार पुरजोर मांग है कि महंगाई के मौजूदा दौर को देखते हुए इस बेस को बढ़ाकर 5 फैमिली यूनिट किया जाए। यदि सरकार इस प्रस्ताव को हरी झंडी देती है, तो इसका सीधा असर 'फिटमेंट फैक्टर' पर पड़ेगा। वर्तमान में यह 2.57 है, जिसे बढ़ाकर 3 से भी ऊपर ले जाने की तैयारी है।

सैलरी का नया कैलकुलेशन: ₹18,000 से ₹34,560 तक का सफर
7वें वेतन आयोग के तहत अभी न्यूनतम मूल वेतन (Basic Salary) ₹18,000 तय है। आइए समझते हैं कि नए फॉर्मूले से इसमें कितनी बढ़ोतरी हो सकती है:
- विकल्प 1 (फिटमेंट फैक्टर 3.0): यदि इसे 3 गुना किया जाता है, तो न्यूनतम वेतन बढ़कर ₹26,000 हो जाएगा।
- विकल्प 2 (यूनियन की मांग - 3.68): अगर कर्मचारी यूनियनों की 3.68 फिटमेंट फैक्टर की मांग मान ली जाती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी उछलकर ₹34,560 के स्तर पर पहुंच जाएगी।
पेंशनभोगियों को भी मिलेगा बड़ा तोहफा
8वें वेतन आयोग की सुगबुगाहट ने पेंशनर्स के चेहरे पर भी खुशी ला दी है। फिटमेंट फैक्टर में होने वाली किसी भी वृद्धि का सीधा लाभ बेसिक पेंशन पर भी पड़ेगा। इससे रिटायर हो चुके लाखों कर्मचारियों की मासिक आय में सम्मानजनक इजाफा होगा।
कब तक लागू होगा नया आयोग?
आमतौर पर केंद्र सरकार हर 10 साल के अंतराल पर नया वेतन आयोग लागू करती है। पिछला वेतन आयोग 2016 में आया था, उस हिसाब से तकनीकी रूप से 8वें वेतन आयोग को जनवरी 2026 से प्रभावी हो जाना चाहिए। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक समय सीमा या गठन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।