Edited By Parveen Kumar,Updated: 22 Aug, 2026 08:23 PM

राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ बांध में नहाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और पुलिस को सूचना दी।...
नेशनल डेस्क : राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ बांध में नहाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि घटना 15 अगस्त की है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद प्रिंसिपल स्कूल के छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते करीब दो किलोमीटर दूर स्थित भड़ाज बांध पर ले गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक, वहां करीब 20 से 25 छात्राएं भी मौजूद थीं। आरोप है कि बच्चों को भ्रमण और तैराकी सिखाने के लिए बांध पर ले जाया गया था।
सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बांध पर बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। कई बच्चों को तैरना नहीं आता था और उन्हें लाइफ जैकेट भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसी दौरान कुछ युवाओं ने प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ पानी में होने का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध की पाल करीब 5 से 6 फीट चौड़ी है और यहां पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। उनके अनुसार, प्रशासन की ओर से करीब चार साल से इस स्थान पर लोगों के जाने पर पाबंदी है। ऐसे में स्कूली बच्चों को वहां ले जाने के फैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर कर रही जांच
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। थानागाजी थाना प्रभारी राजकुमार मीणा ने बताया कि अभी तक किसी छात्र, छात्रा या अभिभावक की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर तथ्यों की जांच कर रही है और प्रिंसिपल के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।