Edited By Rohini Oberoi,Updated: 19 Aug, 2026 02:20 PM

ओडिशा में मूसलाधार बारिश थमने के बावजूद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बाढ़ का संकट गहरा गया है। अधिकारियों के मुताबिक आज राज्य के 6 जिले बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज और क्योंझर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। पड़ोसी राज्य झारखंड...
भुवनेश्वर : ओडिशा में मूसलाधार बारिश थमने के बावजूद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बाढ़ का संकट गहरा गया है। अधिकारियों के मुताबिक आज राज्य के 6 जिले बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज और क्योंझर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। पड़ोसी राज्य झारखंड में सुवर्णरेखा नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण ओडिशा की प्रमुख नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब तक 3.5 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्य झारखंड में सुवर्णरेखा नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ओडिशा के जलेश्वर में राजघाट पर यह जलस्तर 10.36 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गया।
अधिकारियों ने बताया कि सुबह 9 बजे जलस्तर 10.40 मीटर दर्ज किया गया जिससे बालासोर जिले के तीन ब्लॉक जलेश्वर, बास्ता और बालियापाल में बाढ़ का पानी घुस गया। इसी तरह बास्ता के मथानी में जलका नदी का जलस्तर 6.5 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गया। सुबह 6 बजे यह स्तर 6.60 मीटर था।
अधिकारियों ने बताया कि गोविंदपुर में बुढ़ाबलंगा नदी 7.26 मीटर पर बह रही थी जो इसके चेतावनी स्तर से थोड़ा ऊपर है। उन्होंने कहा कि पूरा बालासोर जिला बाढ़ की चपेट में है जिसके कारण प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज़ करने पड़े हैं। पड़ोसी भद्रक और जाजपुर जिलों में भी हालात ऐसे ही थे।
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राजघाट पर सलंदी नदी 17 मीटर के खतरे के निशान के मुकाबले 17.10 मीटर पर बह रही थी। जल संसाधन विभाग के सूत्रों ने बताया कि अखुआपाडा में बैतरणी नदी भी 18.33 मीटर के खतरे के निशान के मुकाबले 18.65 मीटर पर बह रही थी। इस बीच केंद्रपाड़ा जिला प्रशासन ने जहां ब्राह्मणी नदी के कारण बाढ़ आई है कुलासाही इलाके के एक आवासीय स्कूल में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया जहां 300 से ज़्यादा छात्र फंसे हुए थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जिन छात्रों को हॉस्टल में पानी भरने के बाद स्कूल की इमारत की दूसरी और तीसरी मंज़िल पर ले जाया गया था उन्हें ओडिशा डिज़ास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की पांच पावर बोट का इस्तेमाल करके बचाया जा रहा है। हर नाव में 50 छात्र आ सकते हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के दूसरे दौर से बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में कई लोग प्रभावित हुए हैं जहां प्रशासन ने 3.5 लाख से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त तक तीन दिनों के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पहले कहा था कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि प्रभावित लोगों को पका हुआ खाना समेत राहत सामग्री दी जा रही है और बचाव कार्य के लिए लगभग 100 टीमें तैनात की गई हैं।