Edited By ,Updated: 12 Oct, 2026 12:17 PM

होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री माइन से टकराने के बाद एक तेल टैंकर में विस्फोट हुआ और आग लग गई। ईरान ने घटना की जानकारी दी, लेकिन जहाज की पहचान नहीं बताई। क्षेत्र में जहाजों पर हमलों के बीच भारत ने 4,500 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर निगरानी...
Tehran: होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री माइन से टकराने के बाद एक तेल टैंकर में विस्फोट हुआ और आग लग गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शनिवार को यह जानकारी दी, लेकिन जहाज की पहचान और उसके झंडे वाले देश का खुलासा नहीं किया। इस बीच, समुद्री मार्ग पर लगातार हो रही घटनाओं के बीच खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे हजारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर समुद्री माइन से टकरा गया। टक्कर के बाद जहाज में विस्फोट हुआ और आग लग गई। ईरान ने आरोप लगाया कि जहाज ने अपने दिशा-निर्धारण और स्थान बताने वाले तंत्र बंद कर रखे थे और प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा था।
हालांकि, ईरान ने न तो जहाज का नाम बताया और न ही यह स्पष्ट किया कि वह किस देश का था। इसलिए घटना से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तेल, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG ले जाने वाले टैंकरों से जुड़ी 13 घटनाएं दर्ज की गईं। अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र (जेएमआईसी) ने रविवार को कहा कि होर्मुज में इस तरह की गतिविधियां जारी हैं। केंद्र के अनुसार, इन घटनाओं से संकेत मिलता है कि ईरान समुद्री रास्तों पर अपनी मौजूदगी बनाए रखना चाहता है और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर दबाव डाल रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से तेल और गैस की आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ सकता है।
ओमान के पास भारतीय नाविकों वाले जहाज पर हमला
इससे पहले 6 अक्टूबर को भारत ने ओमान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में पनामा के झंडे वाले व्यापारिक जहाज एमटी ऑन पीस पर हुए हमले की निंदा की थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर एक प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ था। जहाज पर कुल 19 लोग सवार थे, जिनमें 17 भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले में 12 चालक दल के सदस्य घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय थे। ओमानी अधिकारियों की मदद से घायलों को निकालकर खासाब में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, फरवरी से होर्मुज क्षेत्र में हुए हमलों में 100 से अधिक भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं और 11 भारतीय नाविकों की मौत हुई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को बताया था कि फारस की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न वाणिज्यिक जहाजों पर 4,500 से अधिक भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में भारत के झंडे वाले छह वाणिज्यिक जहाज मौजूद थे। इसके अलावा, भारत के लिए सामान लेकर छह विदेशी झंडे वाले जहाज भी वहां थे। इन 12 जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार थे। भारतीय जहाजरानी मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और स्थानीय एजेंसियों के सहयोग से जहाजों की आवाजाही तथा नाविकों की सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर भारतीय मिशन प्रभावित नाविकों की सहायता के लिए कदम उठा रहे हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य, लाल सागर और काला सागर में जहाजों तथा नाविकों पर लगातार हमले हो रहे हैं। जयशंकर ने इन हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि हिंसा और लोगों की जान जाने की घटनाएं रुकनी चाहिए। अगले दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने फिर समुद्री सुरक्षा पर चिंता जताई और कहा कि समुद्र में उभरते खतरे पहले से जारी जमीनी संकट को और गंभीर बना रहे हैं।