वीबी जी राम जी केवल केंद्रीकरण, राज्यों पर बढ़ते वित्तीय बोझ की गारंटी देगा: जयराम रमेश

Edited By Updated: 28 Jun, 2026 06:41 PM

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कांग्रेस ने रविवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर लाए जा रहे 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (वीबी जी-राम जी अधिनियम)' को लेकर कई राज्यों ने चिंताएं जताई हैं। पार्टी ने...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने रविवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर लाए जा रहे 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (वीबी जी-राम जी अधिनियम)' को लेकर कई राज्यों ने चिंताएं जताई हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि नया कानून केवल केंद्रीकरण और राज्यों पर बढ़ते वित्तीय बोझ की गारंटी देगा।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि हमेशा की तरह ''प्रतिशेाधी और तुच्छ'' राजनीति से प्रेरित मोदी सरकार ने ग्रामीण विकास संबंधी संसदीय स्थायी समिति, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित पक्षों से गहन परामर्श किए बिना ही मनरेगा को समाप्त करने का विधेयक संसद से जबरन पारित करा दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि अब यह सामने आ रहा है कि मनरेगा के बदले लायी गयी और एक जुलाई से शुरू होने वाली वीबी जी राम जी योजना को लेकर कई राज्यों ने गंभीर चिंताएं जतायी हैं। 

 


रमेश ने कहा कि मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तराखंड जैसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित प्रदेशों ने राज्यों पर डाले जाने वाले भारी अतिरिक्त वित्तीय बोझ का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि चार अन्य राज्य सरकारों ने खेती के व्यस्त मौसम के दौरान इस योजना में प्रस्तावित 'ब्लैकआउट अवधि' (जिस दौरान योजना के तहत काम उपलब्ध नहीं होगा) का विरोध किया है। कम से कम पांच राज्यों ने ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने की मांग की है। रमेश ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का अपना गृह राज्य मध्य प्रदेश भी मोदी सरकार की इस नयी महत्वाकांक्षी योजना को लेकर चिंता जता रहा है। 

उन्होंने कहा, ''मनरेगा ने संविधान से प्राप्त काम के अधिकार की गारंटी दी थी। जबकि वीबी जी-राम जी केवल केंद्रीकरण और राज्यों पर बढ़ते वित्तीय दबाव की गारंटी देगा।'' कांग्रेस नेता ने 'एक्स' पर एक चार्ट भी साझा किया, जिसमें ''मोदी सरकार द्वारा आपके काम के अधिकार पर चार हमले'' शीर्षक से सरकार पर आरोप लगाए गए। चार्ट में आरोप लगाया गया कि वीबी जी राम जी अधिनियम के जरिए सरकार काम के अधिकार, उचित मजदूरी के अधिकार, पंचायती राज व्यवस्था और राज्यों की वित्तीय स्थिति पर ''हमला'' कर रही है।

 कांग्रेस का आरोप है कि यह नया कानून केवल ''अत्यधिक केंद्रीकरण'' और ''ग्रामीण श्रमिकों की सौदेबाजी की शक्ति को कमजोर करने'' की गारंटी देता है। केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि वीबी जी राम जी एक जुलाई से पूरे देश में लागू होगा और यह करीब दो दशक पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लेगा। नए कानून के तहत एक नया ढांचा लागू किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी पर आधारित रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान है। 
 

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