सोनम वांगचुक से मिले विपक्षी सांसद, बोले-देश को आपके अनशन से ज्यादा आपके मार्गदर्शन की जरूरत

Edited By Updated: 22 Jul, 2026 06:17 PM

opposition mps met with sonam wangchuk saying  the country needs your guidance

विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचा और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका संदेश पूरे देश में पहुंच चुका है तथा इसे अब संसद में उठाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने वांगचुक से अनशन खत्म...

नेशनल डेस्क: विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचा और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका संदेश पूरे देश में पहुंच चुका है तथा इसे अब संसद में उठाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि देश, खासकर उसके युवाओं को उनके (वांगचुक) बलिदान से कहीं ज्यादा उनके ज्ञान और मार्गदर्शन की जरूरत है।

विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने वांगचुक से की मुलाकता 
वांगचुक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जवाबदेही की छात्रों की मांग के समर्थन में 25 दिन से अनशन कर रहे हैं। मेदांता अस्पताल पहुंचे विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो से मुलाकात के दौरान कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए संघर्ष एक राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा, तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने वांगचुक को सौंपे गए एक पत्र में कहा, "देश, खासकर उसके युवाओं को आपके बलिदान से कहीं ज्यादा आपके ज्ञान और मार्गदर्शन की जरूरत है... जिस तरह केंद्र-शासित प्रदेश लद्दाख को सोनम वांगचुक की जरूरत है, उसी तरह भारत को भी आपकी जरूरत है... तकलीफ सहने के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए, उन मुद्दों पर काम करने के लिए, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए लाभदायक होंगे। देश को आपकी जरूरत है।

अनशन खत्म करने की अपील 
तृणमूल सांसद घोष ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों के आंदोलन को पूरा समर्थन देते हुए वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की अपील की। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "...छात्रों के मुद्दे का तहेदिल से समर्थन करते हुए हमने सोनम वांगचुक से पुरजोर अपील की कि वह देश और युवाओं के हित में अपना अनशन खत्म कर दें।" वांगचुक को सौंपे गए पत्र में विपक्षी सांसदों ने कहा कि "भारत के युवाओं के हित के लिए सामाजिक कार्यकर्ता का निस्वार्थ समर्पण" और "एक निष्पक्ष, पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली" की उनकी वकालत ने देशभर में लाखों लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा, "संसद सदस्य के तौर पर हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप अपना अनशन समाप्त कर दें। हम संसद में उस राष्ट्रीय अभियान और शिक्षा क्षेत्र में सुधार तथा भारतीय युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को आगे बढ़ाएंगे, जिनका आपने इतने समर्पण के साथ समर्थन किया है।

प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा की मांग का दिया भरोसा 
विपक्षी सांसदों ने वांगचुक को भरोसा दिलाया कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा की मांग करेंगे और सरकार से आग्रह करेंगे कि आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। उन्होंने पत्र में कहा, "हम सरकार से मांग करेंगे कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन के सिलसिले में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई, चाहे वह प्राथमिकी दर्ज करना हो या कोई अन्य प्रशासनिक कदम-न तो शुरू की जाए और न ही आगे बढ़ाई जाए।

शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही का मुद्दा संसद में उठाए अनशन खत्म कर देंगे
पत्र पर कांग्रेस सांसद तन्खा और शशि थरूर, माकपा सांसद ब्रिटास, एए रहीम और वी शिवदासन, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सांसद तिरुचि शिवा, समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद राम गोपाल यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद सज्जाद अहमद किचलू, तृणमूल सांसद सागरिका घोष, निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) सांसद पी संदोश कुमार सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इससे पहले, वांगचुक ने कहा था कि अगर सांसद और राजनीतिक दलों के नेता उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही का मुद्दा संसद के मानसून सत्र में उठाया जाएगा, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे।

CJP का जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी 
हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद वांगचुक ने घोषणा की कि वह अपना अनशन जारी रखेंगे। वांगचुक जंतर-मंतर पर कॉजपा के नेतृत्व में हो रहे विरोध-प्रदर्शन में 28 जून को शामिल हुए थे और उन छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था जो परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। हालांकि, उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मंगलवार को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। 

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