Edited By Pardeep,Updated: 10 May, 2026 09:03 PM

पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और उसके वैश्विक आर्थिक प्रभावों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा दांव खेला है।
इंटरनेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और उसके वैश्विक आर्थिक प्रभावों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा दांव खेला है। तेलंगाना के सिकंदराबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से 'आर्थिक देशभक्ति' दिखाने का आह्वान किया है। उन्होंने चिंता जताई कि भारत को खाद्य तेल, पेट्रोल और रासायनिक उर्वरकों के आयात के लिए विदेशी मुद्रा का एक बहुत बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ता है।
'सोने की खरीद पर लगाएं लगाम'
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा, "हमें विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हर संभव रास्ता अपनाना होगा। सोने की खरीद में देश की विदेशी मुद्रा बहुत अधिक खर्च होती है। देशहित में हमें यह तय करना होगा कि साल भर हम न तो सोना खरीदेंगे और न ही सोना दान करेंगे"।
रसोई के बजट और सेहत पर प्रधानमंत्री का मंत्र
पीएम मोदी ने देश के हर परिवार को सुझाव दिया कि यदि वे अपने भोजन में खाद्य तेल (Edible Oil) के उपयोग में थोड़ी भी कमी करते हैं, तो इससे न केवल विदेशी मुद्रा भंडार की सेहत सुधरेगी, बल्कि नागरिकों का व्यक्तिगत स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण में एक छोटे लेकिन बड़े योगदान के रूप में पेश किया।
मेट्रो का करें उपयोग, टाल दें विदेश यात्राएं
ईंधन की बढ़ती कीमतों और विदेशी मुद्रा पर बढ़ते दबाव को देखते हुए पीएम ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने पर जोर दिया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और जहां संभव हो, मेट्रो, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें। इसके साथ ही, उन्होंने "वर्क फ्रॉम होम" और ऑनलाइन मीटिंग्स को फिर से बढ़ावा देने की बात कही। प्रधानमंत्री ने यह भी सलाह दी कि शादियों या छुट्टियों के लिए होने वाली विदेश यात्राओं को कुछ समय के लिए टाल देना देशहित में होगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमने कोरोना के समय में वर्क फ्रॉम होम की, ऑनलाइन मीटिंग्स की, वीडियो कांफ्रेंस की… ऐसी अनेक व्यवस्थाएं विकसित की और हमें आदत भी हो गई थी। आज समय की मांग ऐसी है कि उन व्यवस्थाओं को हम फिर से शुरू करें, तो वो देशहित में होगा और इनको हमें फिर से प्राथमिकता देनी है।’
किसानों से आह्वान: आधा करें रासायनिक खाद का इस्तेमाल
कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक आयात और उनके दुष्प्रभाव का उल्लेख किया। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे रासायनिक खादों की खपत को आधा करने का लक्ष्य रखें और तेजी से प्राकृतिक खेती (Natural Farming) की ओर कदम बढ़ाएं ताकि 'धरती मां' को रसायनों के घातक असर से बचाया जा सके।