Edited By Tanuja,Updated: 26 Feb, 2026 06:30 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत-इजरायल रिश्तों को ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया। AI, UPI, रक्षा, कृषि और शिक्षा में कई MoU साइन हुए। भारत में 100 एग्रीकल्चर सेंटर और ‘विलेज ऑफ एक्सीलेंस’ बनाए...
International Desk: यरुशलम में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के साथ संयुक्त प्रेस मीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि भारत-इजरायल का रिश्ता “गहरे भरोसे, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं” पर आधारित है और हर चुनौती में खरा उतरा है। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दोनों देशों के समय-परीक्षित रिश्तों को ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने का ऐतिहासिक ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह फैसला दोनों देशों के नागरिकों की आकांक्षाओं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
Addressing a joint press briefing with Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu, Prime Minister Narendra Modi said that India and Israel have decided to establish a partnership in critical and emerging technologies.
He expressed satisfaction over the agreement enabling the use… pic.twitter.com/DwkqouFsVO
— New India Junction (@nijunction) February 26, 2026
भारत-इजरायल में ऐतिहासिक समझौते
दोनों नेताओं की मौजूदगी में कई अहम MoU साइन हुए । भारतीय राजदूत जेपी सिंह और इजरायली प्रतिनिधियों ने औपचारिक रूप से समझौतों का आदान-प्रदान किया जिनमें निन्न समझौते शामिल हैं
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में सहयोग: AI रिसर्च, इनोवेशन और डिफेंस टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर MoU साइन हुआ।
- साइबर सिक्योरिटी और क्वांटम टेक्नोलॉजी: डिजिटल सुरक्षा और उभरती तकनीकों में साझा कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति।
- एंटी-ड्रोन और उन्नत रक्षा तकनीक: डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, एंटी-ड्रोन तकनीक और संयुक्त रिसर्च में सहयोग मजबूत करने का फैसला।
- हेल्थ-टेक और इनोवेशनः दोनों देश संयुक्त रिसर्च, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार पर मिलकर काम करेंगे।
- फाइनेंशियल कनेक्टिविटीः भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI इजरायल में लागू करने पर सहमति बनी, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और भुगतान आसान होगा।
- फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को आगे बढ़ाने पर सहमतिः दोनों देश एक-दूसरे के सामान पर आयात शुल्क (Import Duty) कम या खत्म करेंगे।
किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी
पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत में इजरायल के एग्रीकल्चर सेंटर की संख्या बढ़ाकर 100 की जाएगी। साथ ही देशभर में ‘विलेज ऑफ एक्सीलेंस’ विकसित किए जाएंगे, जहां इजरायली तकनीक के जरिए प्रिसिजन एग्रीकल्चर को बढ़ावा मिलेगा। भारत में एक नया एग्रीकल्चर इनोवेशन सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।
शिक्षा और कनेक्टिविटी पर जोर
दोनों देशों ने ‘इंडिया-इजरायल एकेडमिक फोरम’ बनाने का फैसला किया। पीएम मोदी ने IMEC और I2U2 जैसे बहुपक्षीय प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने की बात कही, जिससे भारत, मिडिल ईस्ट और यूरोप के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी ने यरुशलम स्थित Yad Vashem जाकर होलोकॉस्ट में मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विजिटर्स बुक में शांति और मानवता का संदेश लिखा।
नेसेट में ऐतिहासिक संबोधन व राष्ट्रपति हर्जोग से मुलाकात
पीएम मोदी ने इजरायल की संसद Knesset को संबोधित किया और संसद का सर्वोच्च सम्मान भी प्राप्त किया। नेतन्याहू ने कहा कि मोदी के भाषण ने “हर इजरायली की आंखों में आंसू ला दिए।” उन्होंने भारत और इजरायल को “दो प्राचीन सभ्यताएं, जो भविष्य जीतने को तैयार हैं” बताया। पीएम मोदी ने इजरायल के राष्ट्रपति Isaac Herzog से भी मुलाकात की।
हर्जोग ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सराहना की। पीएम मोदी ने उन्हें भारत आने का न्योता दिया। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराई और वैश्विक मंच पर एक-दूसरे का साथ देने का संकल्प लिया। मोदी का यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, रक्षा, कृषि और फाइनेंशियल कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इन समझौतों के जमीनी नतीजे देखने को मिल सकते हैं।