Edited By Rohini Oberoi,Updated: 26 Jan, 2026 08:42 AM

आज पूरा देश गर्व और उत्साह के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राजधानी दिल्ली के 'कर्तव्य पथ' पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी प्रगति का अद्भुत नजारा दिख रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर...
77th Republic Day : आज पूरा देश गर्व और उत्साह के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राजधानी दिल्ली के 'कर्तव्य पथ' पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी प्रगति का अद्भुत नजारा दिख रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी और भविष्य के भारत का रोडमैप साझा किया।
पीएम मोदी का विजन: विकसित भारत @2047
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह पर्व हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। पीएम ने साल 2047 तक भारत को एक 'विकसित राष्ट्र' बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह महापर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करे। उन्होंने एक श्लोक साझा किया जिसका अर्थ है— "एकता ही स्वतंत्रता और राष्ट्र के उदय का सबसे बड़ा साधन है।"

कर्तव्य पथ पर खास क्या है?
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद हैं। सुबह 10:30 बजे शुरू हुई यह परेड लगभग 90 मिनट तक चलेगी। परेड से पहले पीएम मोदी ने 'राष्ट्रीय समर स्मारक' (National War Memorial) जाकर देश के वीर शहीदों को नमन किया।
इतिहास के पन्ने: क्यों खास है 26 जनवरी?
भारत को आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली थी लेकिन आज से ठीक 76 वर्ष पहले यानी 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ था। इसी दिन भारत को एक 'संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य' घोषित किया गया था।
परेड की मुख्य विशेषताएं (Highlights)
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सैन्य शक्ति: आधुनिक टैंक, मिसाइल सिस्टम और जांबाज सैनिकों का मार्च-पास्ट।
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सांस्कृतिक विविधता: विभिन्न राज्यों की झांकियां (Tableaux) जो भारत की लोक कलाओं को दर्शाती हैं।
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नारी शक्ति: परेड में महिला सैन्य टुकड़ियों का विशेष नेतृत्व।