Edited By Pardeep,Updated: 26 Feb, 2026 09:17 PM

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दबाव बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऐसा समझौता करवाया, जिससे देश...
नेशनल डेस्कः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दबाव बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऐसा समझौता करवाया, जिससे देश के किसानों के हित खतरे में पड़ सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस किसानों को किसी भी कीमत पर “बलि का बकरा” नहीं बनने देगी।
किसान सम्मेलन में सरकार को घेरा
केरल के कन्नूर ज़िले के पेरावूर में आयोजित किसान सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार यह भूल रही है कि किसान ही देश की असली बुनियाद हैं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जैसे मजबूत नींव के बिना इमारत नहीं टिकती, वैसे ही किसानों के बिना देश की तरक्की संभव नहीं है। उनके मुताबिक सरकार भाषणों में तो किसानों का ज़िक्र करती है, लेकिन कृषि को मज़बूत करने पर ठोस काम नहीं हो रहा।
‘कृषि की जड़ें कमजोर करने वाला समझौता’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ किया गया समझौता भारतीय कृषि के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान छोटे खेतों और सीमित तकनीक के साथ काम करते हैं, जबकि अमेरिकी किसान बड़े खेतों और आधुनिक मशीनों से लैस हैं। ऐसे में अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाज़ार खोलना, स्थानीय किसानों के साथ अन्याय होगा।
चार महीने तक क्यों अटकी रही डील?
राहुल गांधी ने दावा किया कि पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने अमेरिकी किसानों को भारत में सोयाबीन, फल और सब्ज़ियां बेचने की खुली अनुमति नहीं दी थी, क्योंकि इससे हरित और श्वेत क्रांति से बनी कृषि संरचना कमजोर हो जाती। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि यह डील पिछले चार महीनों से अटकी हुई थी।
केरल के लिए अलग विज़न
अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने बताया कि केरल के लिए एक विशेष घोषणापत्र तैयार किया जा रहा है, जिसमें आम लोगों और किसानों की ज़रूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में बनने वाली यूडीएफ सरकार को याद रखना होगा कि उसकी असली ताकत किसान और मज़दूर हैं।