Edited By jyoti choudhary,Updated: 18 Mar, 2026 05:47 PM

ईरान से जुड़े तनाव के चलते देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है लेकिन सरकार ने आम लोगों को भरोसा दिलाया है कि किसी को भी गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि हालात चुनौतीपूर्ण...
बिजनेस डेस्कः ईरान से जुड़े तनाव के चलते देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है लेकिन सरकार ने आम लोगों को भरोसा दिलाया है कि किसी को भी गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं लेकिन तेजी से सुधार हो रहा है और हर उपभोक्ता तक सिलेंडर पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
लाइन में लगने की जरूरत नहीं
सरकार ने लोगों से अपील की है कि गैस के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास भीड़ न लगाएं। इसके बजाय ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से बुकिंग करें और घर पर डिलीवरी का इंतजार करें। मंत्रालय के अनुसार अब 93% एलपीजी बुकिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही है, जबकि केवल 7% बुकिंग ही मैनुअल तरीके से हो रही है।
डिलीवरी की स्थिति में भी सुधार हुआ है। पहले जहां डिलीवरी रेट करीब 53% था, वह अब बढ़कर लगभग 81% तक पहुंच गया है।
कालाबाजारी पर सख्ती
एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए तेल कंपनियों ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक करीब 2300 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर छापेमारी की जा चुकी है, ताकि सप्लाई सिस्टम को पारदर्शी बनाया जा सके।
डिजिटल बुकिंग के आसान विकल्प
ग्राहकों की सुविधा के लिए भारत गैस, इंडेन और एचपी गैस ने व्हाट्सऐप, मिस्ड कॉल, IVRS, मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल जैसे कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं, जिससे घर बैठे आसानी से सिलेंडर बुक किया जा सकता है।
कमर्शियल सप्लाई और वैकल्पिक ईंधन
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कमर्शियल उपयोग के लिए भी एलपीजी की आंशिक आपूर्ति सुनिश्चित की है। करीब 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इसके लिए आवंटन आदेश जारी किए हैं।
एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए मिट्टी का तेल (केरोसिन) और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कई राज्यों ने इसके लिए अतिरिक्त आवंटन के आदेश जारी किए हैं।