Pradeep Rawat Death: अचानक आया बुखार, प्लेटलेट्स हुए कम... इन लक्षणों ने खोली ब्लड कैंसर की पोल

Edited By Updated: 06 Aug, 2026 08:30 AM

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अभिनेता प्रदीप रावत अब इस दुनिया में नहीं रहे। 4 अगस्त को उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। 5 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान...

मुंबई:  अभिनेता प्रदीप रावत अब इस दुनिया में नहीं रहे। 4 अगस्त को उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। 5 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान अभिनेता आमिर खान, यशपाल शर्मा, अखिलेंद्र मिश्रा सहित कई फिल्मी हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचीं।

अंतिम संस्कार के दौरान प्रदीप रावत के बेटे विक्रमादित्य रावत ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए वह काफी भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि पिता के आखिरी दिनों में जो कुछ हुआ, वह परिवार के लिए बेहद मुश्किल समय था।

ICU में समझ आ गई थी गंभीर स्थिति
विक्रमादित्य ने बताया कि जब उनके पिता अस्पताल के ICU में भर्ती थे और डॉक्टर उन्हें CPR दे रहे थे, तभी उन्हें एहसास हो गया था कि स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि कुछ ही समय पहले तक उनके पिता पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।

लगातार हिचकी बनी गंभीर बीमारी का संकेत
विक्रमादित्य के मुताबिक, करीब डेढ़ महीने पहले प्रदीप रावत को लगातार हिचकी आने लगी थी। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि यह किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है। परिवार ने सामान्य दवाइयों से इलाज कराया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद घर पर डॉक्टर को बुलाया गया। शुरुआती जांच में डॉक्टर ने पेट में संक्रमण होने की आशंका जताई और उसी हिसाब से दवाइयां दी गईं। हालांकि उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और परेशानी लगातार बढ़ती गई।

ब्लड टेस्ट में सामने आया बड़ा खुलासा
एक दिन जब विक्रमादित्य अपनी एक्टिंग वर्कशॉप में थे, तभी उनकी मां का फोन आया कि प्रदीप रावत की तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई है। उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां ब्लड टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट में उनके व्हाइट ब्लड सेल (WBC) की संख्या सामान्य से काफी अधिक पाई गई। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

कोकिलाबेन अस्पताल में हुई ब्लड कैंसर की पुष्टि
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद बताया कि उन्हें ब्लड कैंसर (Leukemia) होने की लगभग 99 प्रतिशत संभावना है। अगले दिन हुई विस्तृत जांच में यह पुष्टि हो गई कि वह ल्यूकेमिया से पीड़ित थे।

दो महीने पहले तक थे पूरी तरह स्वस्थ
विक्रमादित्य ने बताया कि हैरानी की बात यह है कि करीब दो महीने पहले उनके पिता का पूरा बॉडी चेकअप कराया गया था, जिसमें किसी भी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं मिला था। लेकिन इसके बाद केवल डेढ़ महीने के भीतर उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ी और आखिरकार ब्लड कैंसर के कारण उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए यह सब बेहद अप्रत्याशित था, क्योंकि इतनी कम अवधि में बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया और उनके पिता जिंदगी की जंग हार गए।

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