Edited By Ramanjot,Updated: 21 Jan, 2026 05:02 PM

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने हाल के दिनों में ज्योतिर्मठ (बद्रीनाथ) के 46वें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद पर गहरी चिंता जाहिर की है।
नेशनल डेस्क: अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने हाल के दिनों में ज्योतिर्मठ (बद्रीनाथ) के 46वें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद पर गहरी चिंता जाहिर की है। भदोही दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के भीतर बढ़ता मतभेद अंततः समाज को कमजोर करेगा।
तोगड़िया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि हिंदू समाज लगातार आपस में बंटता रहा, तो आने वाले समय में उसका अस्तित्व भी संकट में पड़ सकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर भावनात्मक अपील करते हुए सभी से संयम और एकजुटता बनाए रखने की बात कही।
हिंदू परंपराएं आपस में टकराने के लिए नहीं
डॉ. तोगड़िया ने हिंदू धर्म की प्राचीन और गौरवशाली परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आदि शंकराचार्य की ढाई हजार वर्ष पुरानी सनातन परंपरा और गोरखनाथ पीठ की धर्म-रक्षा की परंपरा दोनों ही समान रूप से पूजनीय हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर शंकराचार्य जैसे महान संत हैं, तो दूसरी ओर महंत परंपरा का भी अपना विशेष स्थान है। प्रयागराज में हालिया घटनाक्रम से वे स्वयं आहत हैं और पूरा हिंदू समाज इस विवाद से दुखी है।
विवाद का जल्द समाधान जरूरी: तोगड़िया
तोगड़िया ने कहा कि उन्हें किसी शंकराचार्य या महंत को धार्मिक निर्देश देने का अधिकार नहीं है, लेकिन वे प्रार्थना अवश्य कर सकते हैं। उनका मानना है कि इस पूरे विवाद का शीघ्र समाधान होना चाहिए ताकि हिंदू समाज में सम्मान और सौहार्द बना रहे।
उन्होंने कहा कि सभी पक्षों की गरिमा बनी रहे और किसी के अधिकारों का हनन न हो। सभी को धार्मिक अनुष्ठानों और स्नान जैसे आयोजनों में समान अवसर मिलना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ से समाधान की उम्मीद
डॉ. तोगड़िया ने गोरखनाथ मंदिर के पूर्व पीठाधीश्वर पूजनीय महंत अवैद्यनाथ का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने श्रीराम मंदिर आंदोलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।
उन्होंने विश्वास जताया कि उनके शिष्य और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूजनीय शंकराचार्य के साथ मिलकर इस विवाद का शांतिपूर्ण और सम्मानजनक समाधान निकालने में सफल होंगे और हिंदू समाज को एकजुट दिशा देंगे।
देशभर में हिंदू एकता का अभियान
डॉ. तोगड़िया ने जानकारी दी कि पूरे देश में हिंदू समाज को जोड़ने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत हर गांव, शहर और मोहल्ले में मंगलवार या शनिवार की शाम साप्ताहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में हजारों ऐसे केंद्र पहले से सक्रिय हैं, जिन्हें आगे चलकर लाखों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। ये केंद्र अब हिंदू कल्याण केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।
गरीब हिंदुओं के लिए सेवा और सुरक्षा
इन केंद्रों के माध्यम से जरूरतमंद हिंदुओं को मुफ्त अनाज, दवाइयां, निजी डॉक्टरों की सुविधा, ब्लड प्रेशर और शुगर जांच जैसी सेवाएं दी जाएंगी। इसके अलावा स्वास्थ्य प्रशिक्षण, बच्चों की प्रतिभा विकास योजनाएं और संकट के समय सुरक्षा सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।