Edited By Ramanjot,Updated: 24 Jan, 2026 10:28 PM

प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है, जिससे श्रद्धालुओं और प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।
नेशनल डेस्क: प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है, जिससे श्रद्धालुओं और प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। शनिवार शाम तुलसी शिवाला मार्ग पर स्थित सेक्टर-6 में किशोरी मठ (चित्रकूट) के शिविर में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने दो टेंटों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, हालांकि शिविर में लगे दो टेंट पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की चपेट में आने से वहां रखी रजाइयां, गद्दे और अन्य घरेलू सामान भी पूरी तरह नष्ट हो गए।
माघ मेला शुरू होने के बाद यह आग लगने की लगभग पांचवीं घटना बताई जा रही है, जो अलग-अलग सेक्टरों में सामने आ चुकी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह अंगीठी से निकली चिंगारी मानी जा रही है। फिलहाल फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं, ताकि सटीक कारण का पता लगाया जा सके और आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। आग लगते ही शिविर में मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी, लेकिन दमकल कर्मियों की तत्परता से समय रहते हालात काबू में आ गए और बड़ा हादसा टल गया।
करीब 800 हेक्टेयर में फैले माघ मेला क्षेत्र को कुल सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं। छोटे और सीमित अवधि के कल्पवासियों के लिए टेंट सिटी विकसित की गई है, जहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मेला क्षेत्र में प्रमुख व्यवस्थाएं
- आवागमन: बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा
- सुरक्षा व्यवस्था: 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
- पार्किंग सुविधा: 42 अस्थायी पार्किंग स्थल, जहां करीब एक लाख वाहनों की क्षमता
लगातार हो रही आग की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सभी शिविर संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। माघ मेला में लाखों श्रद्धालु स्नान और कल्पवास के लिए पहुंच रहे हैं, ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।