Edited By Radhika,Updated: 01 Jan, 2026 04:04 PM

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को AI को सकारात्मक बदलाव लाने का एक ‘‘बड़ा अवसर'' बताते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इसके लाभ समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से वंचितों तक पहुंचें। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित एक...
नेशनल डेस्क: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को AI को सकारात्मक बदलाव लाने का एक ‘‘बड़ा अवसर'' बताते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इसके लाभ समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से वंचितों तक पहुंचें। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि एआई भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में उभर रहा है और आने वाले दशकों में इसका देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), रोजगार और उत्पादकता में महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी बाधाओं को कम करने के लिए एआई का उपयोग किया जाना चाहिए।
मुर्मू ने कहा, ‘‘एआई भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में उभर रहा है। भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।'' उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग जगत के साझेदारों और शिक्षाविदों के सहयोग से यह सुनिश्चित कर रही है कि भारत न केवल प्रौद्योगिकी को अपनाए बल्कि इसके माध्यम से एक जिम्मेदार भविष्य का निर्माण भी करे।

राष्ट्रपति ने नागरिकों से नयी शिक्षा नीति के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में काम करने और भारत को ज्ञान की महाशक्ति तथा प्रौद्योगिकी-आधारित समावेशी और समृद्ध राष्ट्र में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार स्कूलों में एआई के उपयोग को बढ़ावा दे रही है और बच्चों को तकनीकी नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि ‘एआई लैब्स' और ‘एआई मॉडल' के माध्यम से बच्चों में नवोन्मेषी सोच और भविष्य को ध्यान में रखते हुए कौशल विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरू की गई ‘स्किल द नेशन चैलेंज' का उद्देश्य बड़े पैमाने पर एआई सीखने और नवाचार को बढ़ावा देना है।