Edited By Ramanjot,Updated: 20 Feb, 2026 08:33 PM

राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।
नेशनल डेस्क: राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि सात अन्य संदिग्धों की तलाश में दिल्ली-एनसीआर में लगातार छापेमारी की जा रही है।
जांच एजेंसियां 15 से ज्यादा वीडियो फुटेज की मदद से प्रदर्शनकारियों की पहचान करने में जुटी हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ संदिग्धों के मोबाइल फोन बंद मिल रहे हैं, जिससे उनके ठिकाने का पता लगाने में दिक्कत आ रही है।
इस मामले में Indian Youth Congress के एक पदाधिकारी विकास चिकारा को संसद मार्ग थाने बुलाकर पूछताछ की गई। उनका कहना है कि वे निजी काम से निकले थे, लेकिन पुलिस उन्हें थाने ले आई। फिलहाल उनसे घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब किए गए हैं।
जांच के दायरे में कई पहलू
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल तक किस प्रक्रिया से पहुंचे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने क्यूआर कोड के जरिए पंजीकरण कर प्रवेश लिया था। यह भी जांच हो रही है कि वे दिल्ली कब आए, कहां ठहरे और जिन वाहनों से पहुंचे, वे किसके नाम पर थे।
साथ ही, गिरफ्तार लोगों के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रदर्शन से पहले उनकी किन-किन लोगों से बातचीत हुई थी। टी-शर्ट की छपाई कहां हुई और इसका खर्च किसने उठाया—इन सवालों के जवाब भी तलाशे जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोग जैकेट के अंदर विशेष संदेश वाली टी-शर्ट पहनकर आए थे। प्रदर्शनी हॉल के भीतर अचानक कपड़े उतारकर नारे लगाने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए संबंधित लोगों को बाहर निकाला और दिल्ली पुलिस ने उन्हें तिलक मार्ग थाने ले जाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
सियासी प्रतिक्रिया
घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। वहीं, इस मामले ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शेष आरोपियों की पहचान के लिए फेसियल रिकग्निशन तकनीक के इस्तेमाल की तैयारी की जा रही है। समिट स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।