Edited By Ramanjot,Updated: 20 Feb, 2026 06:12 PM

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन किया।
नेशनल डेस्क: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया और सत्तारूढ़ दल ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया।
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए इस प्रदर्शन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया भारत की मेजबानी में हो रहे इस एआई सम्मेलन और देश की तकनीकी प्रगति पर नजर रखे हुए थी, तब इस तरह का विरोध कार्यक्रम की गरिमा के विपरीत है। उनके अनुसार, इस तरह की गतिविधियां वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री Smriti Irani ने भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय आयोजन को राजनीतिक विरोध का मंच बनाना सही संदेश नहीं देता। उनके मुताबिक, ऐसे कदम राजनीतिक निराशा को दर्शाते हैं।
केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने भी बयान जारी करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने विपक्षी नेता Rahul Gandhi का नाम लेते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों को वैश्विक मंच से जोड़ना उचित नहीं है।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता Sambit Patra ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग यूथ कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी थे। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारी विधिवत पंजीकरण के बाद कार्यक्रम स्थल में दाखिल हुए और फिर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह विरोध पूर्व नियोजित था।
फिलहाल, इस घटना के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर सत्तारूढ़ दल इसे देश की छवि से जोड़कर देख रहा है, वहीं विपक्ष की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। AI समिट के मंच से उठा यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस का विषय बन गया है।