राष्ट्रपति मुर्मू ने 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से किया सम्मानित

Edited By Updated: 26 Dec, 2025 04:16 PM

president murmu presented the pm national child award to 20 childrens

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नयी दिल्ली में आज आयोजित एक समारोह में वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिए 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से...

नेशनल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नयी दिल्ली में आज आयोजित एक समारोह में वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिए 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि पुरस्कार विजेता बच्चों ने अपने परिवारों, समुदायों और पूरे देश को गौरवान्वित किया है। 

राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रोत्साहित किए जाने के मकसद से प्रदान किए गए यह पुरस्कार देश भर के सभी बच्चों को प्रेरित करेंगे। उन्होंने वीर बाल दिवस के महत्व के बारे में कहा कि लगभग 320 साल पहले, 10वें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चार पुत्रों ने सत्य एवं न्याय के समर्थन में लड़ते हुए ‘सर्वोच्च बलिदान' दिए। वीर बाल दिवस 26 दिसंबर को मनाया जाता है। 

उन्होंने कहा कि दो सबसे कम उम्र के साहिबजादों - बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह - की वीरता को भारत तथा विदेश दोनों जगह सम्मानित किया जाता है। राष्ट्रपति मुर्मू ने सत्य और न्याय के लिए गर्व से अपने प्राणों की आहुति देने वाले उन महान बाल नायकों को श्रद्धापूर्वक याद किया। राष्ट्रपति ने कहा कि किसी देश की महानता तभी निश्चित होती है जब उसके बच्चे देशभक्ति और उच्च आदर्शों से ओतप्रोत हों। 

उन्होंने कहा, ‘‘सात वर्षीय वाका लक्ष्मी प्रग्निका जैसी प्रतिभाशाली बच्चियों की बदौलत ही भारत को विश्व स्तर पर शतरंज की महाशक्ति माना जाता है। अपनी बहादुरी और बुद्धिमत्ता से दूसरों की जान बचाने वाले अजय राज और मोहम्मद सिदान पी. हर तरह की प्रशंसा के पात्र हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘नौ वर्षीय बेटी व्योमा प्रिया और 11 वर्षीय बहादुर बेटे कमलेश कुमार ने दूसरों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवाई जबकि 10 वर्षीय श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्ध से जुड़े जोखिमों के बावजूद अपने घर के पास सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों को नियमित रूप से पानी, दूध और लस्सी पहुंचाई। 

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वहीं, दिव्यांग बेटी शिवानी होसुरू उप्पारा ने आर्थिक और शारीरिक सीमाओं को पार करते हुए खेल जगत में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं।” उन्होंने पुरस्कार जीतने वाले कुछ बच्चों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और प्रतिभा से भरी दुनिया में अपना नाम बनाया है और कई रिकॉर्ड स्थापित किए हैं।'' महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि जिन बच्चों को पुरस्कार दिए गए हैं, उन्होंने यह साबित कर दिया है कि आत्मविश्वास और समर्पण से संसाधनों की कमी को दूर किया जा सकता है। 

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष वीरता, कला एवं संस्कृति, पर्यावरण, सामाजिक सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा खेल के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि प्राप्त करने वाले बच्चों को दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है। वर्ष 2025 में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 20 बच्चों को इस सम्मान के लिए चुना गया है।

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