Edited By Parveen Kumar,Updated: 19 Jan, 2026 12:06 AM

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘बोर्ड ऑफ पीस' का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। यह निकाय, गाजा में स्थायी शांति लाने और ‘वैश्विक संघर्ष' के समाधान के लिए ‘‘एक साहसिक नए दृष्टिकोण'' पर काम करेगा।...
नेशनल डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘बोर्ड ऑफ पीस' का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। यह निकाय, गाजा में स्थायी शांति लाने और ‘वैश्विक संघर्ष' के समाधान के लिए ‘‘एक साहसिक नए दृष्टिकोण'' पर काम करेगा। ट्रंप ने मोदी को एक पत्र लिखा, जिसे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर साझा किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को मध्य पूर्व में ‘‘शांति बहाल करने के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व शानदार प्रयास'' में शामिल होने और साथ ही ‘‘वैश्विक संघर्ष के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण'' पर काम करने के लिए आमंत्रित करना उनके लिए बहुत सम्मान की बात है। ट्रंप ने गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत इस बोर्ड का अनावरण किया। इजराइल और हमास ने अक्टूबर में ट्रंप की शांति योजना पर सहमति जताई थी। ट्रंप ने कई वैश्विक नेताओं को इसी तरह के पत्र भेजे हैं।
वाशिंगटन, ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस' को गाजा और उसके आसपास शांति एवं स्थिरता लाने के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय निकाय के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह निकाय अन्य वैश्विक संघर्षों में भी अहम भूमिका निभा सकता है। मूल रूप से, इस नए निकाय को गाजा के पुनर्निर्माण के लिए शासन की देखरेख और वित्तपोषण समन्वय का कार्य सौंपा जाना है। इजराइल के दो वर्षों के सैन्य अभियान के दौरान गाजा पट्टी पूरी तरह तबाह हो गई है।
गोर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें ट्रंप का निमंत्रण मोदी तक पहुंचाने का सम्मान मिला है, जिसमें उन्हें ‘बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है और यह निकाय ‘‘गाजा में स्थायी शांति लाएगा''। राजदूत ने कहा, “बोर्ड स्थिरता और समृद्धि हासिल करने के लिए प्रभावी शासन का समर्थन करेगा।” ट्रंप ने मोदी को लिखे पत्र में 29 सितंबर को गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना की घोषणा के साथ-साथ मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए अपनी 20-सूत्री रूपरेखा का भी उल्लेख किया।