Edited By Anu Malhotra,Updated: 06 Jan, 2026 08:38 PM

उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्टाम्प और रजिस्ट्री से जुड़े 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से परिवारों के...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्टाम्प और रजिस्ट्री से जुड़े 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से परिवारों के बीच संपत्ति का कानूनी ट्रांसफर आसान होगा, आपसी विवाद और मुकदमेबाजी में कमी आएगी और प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को भी gift deed के जरिए अपने परिवार के सदस्यों के नाम रजिस्टर कराया जा सकेगा। पहले यह सुविधा सिर्फ आवासीय और कृषि भूमि तक ही सीमित थी। इस नए प्रावधान के तहत संपत्तियों का ट्रांसफर ₹5000 स्टाम्प फीस पर किया जा सकेगा। इससे पहले शहरी इलाकों में यह फीस 7% और ग्रामीण इलाकों में 5% थी।
कैबिनेट बैठक में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि 2022 से इस व्यवस्था को आवासीय और कृषि संपत्तियों के लिए लागू किया गया था, लेकिन अब इसे व्यवसायिक और औद्योगिक जमीन पर भी लागू कर दिया गया है। इसके अलावा, कुशीनगर और झांसी में रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए भूमि से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
यूपी सरकार ने कैबिनेट में परिभाषाओं को और स्पष्ट करने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत योग्य परिवार के सदस्यों और रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े नियमों को और साफ किया गया है ताकि रजिस्ट्रेशन ऑफिस में काम आसानी से और बिना किसी कन्फ्यूजन के पूरा हो सके।
सरकार का कहना है कि ये बदलाव अधिकारिक गजट में नोटिफिकेशन पब्लिश होने की तारीख से तुरंत प्रभावी होंगे। इस कदम से उत्तर प्रदेश में संपत्ति ट्रांसफर की प्रक्रिया सरल और किफायती बन जाएगी, और छोटे परिवार व्यवसायियों के लिए भी फायदा होगा।